अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एसटीपी कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन (सीटू) ने शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। मांगों को लेकर यूनियन पदाधिकारी दोपहर करीब तीन बजे आयुक्त कार्यालय पहुंचे, लेकिन आयुक्त यहां नहीं थे। इसके बाद यूनियन कार्यकर्ताओं ने निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर दिया।
शाम करीब चार बजे आयुक्त जीसी नेगी पहुंचे तो उनका और एसई धर्मेंद्र गिल का घेराव किया गया। यूनियन के महासचिव मदन लाल ने कहा कि एसटीपी में श्रम कानूनों का पालन नहीं हो रहा। मजदूरों को न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही ईपीएफ। ठेकेदार 12 साल से मजदूरों का शोषण कर रहा है। कई कर्मियों का वेतन तक कम कर दिया गया है।
सीटू राज्य सचिव विजेंद्र मेहता ने मांग रखी कि सभी मजदूरों को सैहब सोसाइटी के अधीन लाया जाए। बकाया वेतन भी जल्द जारी किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगें पूरी नहीं हुई तो यूनियन उग्र प्रदर्शन करेगी। मामले पर चार अगस्त को बैठक बुलाई गई है। प्रदर्शन में मेहरा के अलावा एसटीपी के उजागर, धनेश, मनोज, सुरेंद्र, विवेक, नरीयाराम, राधेश्याम मौजूद रहे।