फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में अब 1100 नंबर बना कोरोना हेल्पलाइन, सुबह सात से रात 10 बजे तक मिलेगी सुविधा

Thu, 06 May 2021 07:43 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

 जयराम ठाकुर ने कहा कि यह हेल्पलाइन प्रौद्योगिकी के माध्यम से लोगों को सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अपने आप में ही एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस सेवा को और अधिक सरल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को लोगों को कोविड-19 से संबंधित मामलों में सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 पर समर्पित कोविड-19 हेल्पलाइन को शुरू किया।  मुख्यमंत्री ने इस हेल्पलाइन को विकसित करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कोविड-19 संबंधी मामलों में किसी भी तरह की सहायता के लिए लोग सुबह सात बजे से रात्रि 10 बजे तक टोल फ्री नंबर 1100 पर फोन कर सकते हैं।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि फोन पर शिकायत दर्ज कर लोगों की जांच, टीकाकरण, होम क्वारंटीन, दवाइयां, एंबुलेंस और ऑक्सीजन जैसे विभिन्न मुद्दों पर संबंधित प्राधिकरण को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए उनसे संपर्क किया जाएगा।

 जयराम ठाकुर ने कहा कि यह हेल्पलाइन प्रौद्योगिकी के माध्यम से लोगों को सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अपने आप में ही एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस सेवा को और अधिक सरल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधान सचिव आईटी रजनीश ने इस हेल्पलाइन की विशेषताओं की विस्तार में जानकारी दी। निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी आशुतोष गर्ग ने इस हेल्पलाइन पर प्रस्तुति दी।
विज्ञापन


 अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. आरएन बत्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ सचिव और एनएचएम के मिशन निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने वर्चुअल माध्यम इस बैठक में भाग लिया।

Trending Videos
विज्ञापन

ऑक्सीजन की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित

प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा ऑक्सीजन की निगरानी और भंडारण के लिए ऑक्सीजन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। ऑक्सीजन के औद्योगिक उपयोग को प्रतिबंधित करने और चिकित्सा ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। नियंत्रण कक्ष द्वारा ऑक्सीजन की कमी होने पर शीघ्र कार्रवाई की जा सकेगी। यह सुनिश्चित करने के लिए वास्तविक समय के आधार पर आईटी आधारित एप्लीकेशन के माध्यम से पूरे राज्य में सभी कोविड समर्पित संस्थानों में ऑक्सीजन की स्थिति की निगरानी की जाएगी। 
इस नियंत्रण कक्ष में एमडी एचपीएसईडीसी अरिंदम चौधरी, जीएम एचपी केवीएन सनी शर्मा, संयुक्त निदेशक आयुर्वेद राखी और स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक डॉ. जितेंद्र चौहान नोडल अधिकारी के तौर पर कार्यरत होंगे। नियंत्रण कक्ष में लैंडलाइन नंबर 01772623507 पर संपर्क किया जा सकता है।  स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों को ऑक्सीजन के उचित उपयोग के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

इसमें अस्पतालों में भर्ती कोविड मरीजों के शरीर में 92.94 प्रतिशत ऑक्सीजन स्तर बनाए रखने के लिए ऑक्सीजन का विनियमन भी शामिल है। अस्पतालों को सप्ताह में दो बार इंवेंट्री प्लानिंग, ऑक्सीजन की खपत के तरीके का निरीक्षण करने के लिए ऑडिट समितियां गठित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार द्वारा प्रदेश के लिए 6 और नए पीएसए प्लांट स्वीकृत किए हैं जो एक हजार लीटर प्रति मिनट क्षमता के हैं। इन्हें डीआरडीओ के सहयोग से स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसीसी कंपनी भी क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में सीएसआर के अंतर्गत 10 मीट्रिक टन क्षमता का पीएसए प्लांट स्थापित करेगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें