राज्य में लगातार बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बिना लक्षण वाले मरीजों को होम क्वारंटीन होने की एडवाइजरी जारी की है। विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि सभी पॉजिटिव मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए हल्के लक्षणों वाले मरीजों को होम क्वारंटीन होना चाहिए।जिनका कोविड-19 परीक्षण पॉजिटिव पाया जाता है, उन्हें खुद को घर के अन्य सदस्यों से अलग होकर साफ-सुथरे और हवादार कमरे में आइसोलेट करना चाहिए।
हर समय ट्रिपल लेयर या एन-95 मास्क पहनना चाहिए। मास्क को 8 घंटे प्रयोग करने के बाद नष्ट कर देना चाहिए। देखभाल करने वाले व्यक्ति को भी मास्क का प्रयोग करना चाहिए। हर समय डिस्पोजबेल दस्ताने पहनने चाहिए। मरीज के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए। कोविड मरीज को अन्य सदस्यों की व्यक्तिगत वस्तुओं को प्रयोग करने से बचना चाहिए। नियमित तौर पर बुखार और ऑक्सीजन स्तर की जांच करते रहना चाहिए। मरीज को हर 4 घंटे के बाद जांच कर बुखार नोट करना चाहिए। सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
ऑक्सीजन स्तर 94 प्रतिशत से नीचे जाए तो डॉक्टर को सूचित करें। 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग मरीज जो उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदयरोग, फेफड़ों की पुरानी बीमारी, लीवर, गुर्दे की बीमारी, सेरेब्रोवास्कुलर रोग आदि से ग्रस्त हो तो उन्हें चिकित्सा अधिकारी से जांच के बाद ही होम क्वारंटीन होने की अनुमति दी जानी चाहिए। कोमर्बिड मरीज की ओर से नियमित तौर पर ली जाने वाली दवाई को होम क्वारंटीन के दौरान डॉक्टर्ज से सलाह लेने के बाद ही लेना चाहिए। मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति को हर समय उपलब्ध रहना चाहिए। देखभाल करने वाले व्यक्ति को डॉक्टर से सलाह के बाद हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन का प्रोफीलेक्सिस लेना चाहिए।