गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का एलान किया गया। इस साल हिमाचल के शिमला जिले के रहने वाले प्रो. सोमदत्त बट्टू, पंजाब के प्राण सभ्रवाल और निर्मल पांडे समेत 110 विभूतियों को पद्मश्री दिया जाएगा। मिथुन चक्रवर्ती समेत 17 लोगों को पद्मभूषण, वैजयंती माला बाली समेत पांच को पद्मविभूषण मिलेगा। लोक संगीत, शास्त्री गायन में देश सहित विदेशों में धूम मचाने वाले पटियाला घराने के शास्त्रीय गायक प्रो. सोमदत्त बट्टू को इससे पहले कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। देश के कई राज्यों सहित विदेशों में भी उन्होंने प्रस्तुति देकर लोकगीत और शास्त्रीय गायन में धूम मचाई। उन्होंने नाइजीरिया, केन्या, यूएसए सहित अन्य देशों में शास्त्रीय और लोकगीतों पर कार्यक्रम पेश किए।
40 साल कॉलेजों में संगीत प्रवक्ता पद पर सेवाएं दीं। उनके सैकड़ों शिष्य उनकी दी संगीत की विरासत को विदेशों तक पहुंचा रहे हैं। उन्हें दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी। हरियाणा के भी चार लोगों को पद्मश्री पुरस्कार मिलेगा। इनमें सिरसा के दिव्यांग गुरविंदर सिंह को समाजसेवा के लिए, जींद के महाबीर सिंह गुड्डू को लोककला, रामचंद्र सिहाग और हरिओम को साइंस व इंजीनियरिंग में बेहतरीन सेवाओं के लिए चुना गया है। भारत की पहली महिला हाथी महावत पार्वती बरुआ, छत्तीसगढ़ के जशपुर के आदिवासी कल्याण कार्यकर्ता जगेश्वर यादव, कर्नाटक के मैसूरू जिले के आदिवासी कल्याण कार्यकर्ता सोमान्ना और प्लास्टिक रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन सोशल वर्कर प्रेमा धनराज को भी पद्मश्री की सूची में चुना है।
बट्टू को हिमाचल गौरव, पंजाब संगीत रत्न अवॉर्ड मिल चुके
जिला शिमला के ब्योलिया के रहने वाले हैं। इनका जन्म 5 जुलाई, 1937 को इनके ननिहाल कांगड़ा के जसूर में हुआ। आरंभिक शिक्षा घर से शुरू हुई। इनके पिता रामलाल बट्टू प्रसिद्ध श्याम चौरसिया घराने से संबंधित थे। सोमदत्त शिमला के कोटशेरा कॉलेज से संगीत प्राध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। 2016 में हिमाचल सरकार ने इन्हें हिमाचल गौरव, 2015 में पंजाब यूनिवर्सिटी ने इन्हें पंजाब संगीत रत्न अवाॅर्ड दिया।
इन्हें मिलेगा पद्मविभूषण
तमिलनाडु की वैजयंती माला बाली व पद्मा सुब्रमण्यम कला, आंध्र प्रदेश से एम. वेंकैया नायडू व श्री कोनिदेला चिरंजीवी व बिहार से बंधेश्वर पाठक को पद्मविभूषण मिलेगा।
पद्मभूषण
एम फातिमा बीबी, होरमुसजी एन कामा, मिथुन चक्रवर्ती, सीताराम जिंदल, यंग लियू, अश्विन बालाचंद मेहता, सत्यव्रत मुखर्जी, राम नईक, तेजस मधुसूदन पटेल, ओलंचेरी राजगोपाल, दत्तात्रेय अंबादास मायालू, तोगदन रिंपोछे, प्यारेलाल शर्मा, चंद्रेश्वर प्रसाद ठाकुर, ऊषा ऊथुप, विजयकांत, कुंदन व्यास को पद्मभूषण मिलेगा।
इनको भी पद्मश्री
चामी मुर्मू, सत्यनारायण बेलेरी, दुखु माझी, के चेलाम्मल, संगथन कीमा, हेमचंद माझ, यानूंग जमोह लेगो, सर्बेश्वर बसुमतेरी, प्रेमा धनराज, उदय विश्वनाथ देशपांडे, याजिदी मनेकशॉ इटालिया ,शांती देवी पासवान और शिवान पासवान, रतन कहर, अशोक कुमार विश्वास, बालाकृष्णनन सदानान, उमा माहेश्वरी डी, गोपीनाथ स्वाइन, स्मृति रेखा चकमा, ओमप्रकाश शर्मा, नारायण ईपी, भगाबत पढ़ान, सनातन रूद्र पाल, बद्राप्पन एम, जॉर्डन लेपचा, मचीहन सासा, गड्डम सम्माईआह, जानकी लाल, दसारी कोंडप्पा, बाबू राम यादव, नेपाल चंद्र सूत्रधार।