नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा से पांवटा की सीवरेज योजना को 11 करोड़ बजट मंजूर हुआ है। नए सीवरेज प्लांट की क्षमता 1.72 एमएलडी होगी। इससे पांवटा नप कमेटी क्षेत्र के लिए निर्माणाधीन योजना के तीसरे जोन जंबूखाला का कार्य पूरा हो सकेगा। पिछले डेढ़ दशक से पांवटा की यह योजना 3 चरणों में बन रही है। दो चरणों का कार्य पूरा हो चुका है।
इन दोनों योजनाओं में करीब 800 में से 320 कनेक्शन दिए जा चुके हैं। स्थानीय विधायक सुखराम चौधरी व आईपीएच विभाग अधिकारियों ने तृतीय चरण योजना के बजट का मुद्दा सरकार से उठाया था। इसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू ने पांवटा को सीवरेज सुविधा से जोड़ने को 11 करोड़ की योजना मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेज दी थी।
एनएमसीजी की मीटिंग में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने इस योजना के बजट को मंजूरी दे दी है। देवीनगर जोन-1 में कुल 256 में से 204 कनेक्शन चल रहे हैं। नप कमेटी के यमुना नदी के समीप बने जोन-2 में करीब 550 में से 110 कनेक्शन आईपीएच विभाग प्रदान कर शुरू करवा चुका है। अब, तीसरे जोन में पांवटा के जंबूखाला में भूमि चिह्नित की गई थी, लेकिन बजट के अभाव में कार्य अधर में लटका था।
पांवटा की सीवरेज प्लांट से यमुना नदी स्वच्छता में सहयोग मिलेगा। गंगा नदी तक फैलने वाली यमुना नदी की गंदगी भी कम होगी। पूर्व विधायक एवं खाद्य एवं आपूर्ति कारपोरेशन के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर और पांवटा दून विस क्षेत्र विधायक सुखराम चौधरी ने पांवटा कस्बे के लिए सीवरेज प्लांट मंजूरी के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार का आभार जताया है।
गंगा को गंदा करने वाली यमुना की होगी सफाई
पांवटा साहिब यमुना नदी के किनारे बसा है। शहरी क्षेत्र का कचरा आज भी यमुना नदी किनारे फेंका जाता है। इससे यमुना से होकर गंगा नदी भी प्रदूषित हो रही है। अब करीब 11 करोड़ के सीवरेज प्रोजेक्ट से गंगा और यमुना नदियों को पांवटा के प्रदूषण से कुछ मुक्ति मिल सकेगी।
आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता एके धीमान ने कहा कि सरकार के सहयोग से केंद्र ने पांवटा सीवरेज प्लांट योजना के तृतीय चरण निर्माण व 15 वर्ष तक मरम्मत कार्य को 11 करोड़ बजट की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री जयराम शीघ्र इस योजना को हरी झंडी देंगे।