जाखू मंदिर का इतिहास
जाखू मंदिर शिमला शहर की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित है। यहां 100 फीट ऊंचे खंभे पर 30 फीट लंबा और 20 फीट चौड़ा ध्वज लगाया गया है। ध्वज में हनुमान का चित्र लगा है। ऐसी मान्यता है कि लक्ष्मण के मूर्छित होने पर संजीवनी बूटी लाने के आकाश मार्ग से हनुमान हिमालय के लिए गए थे। ऐसा बताया जाता है कि जब हनुमान यहां से गुजर रहे थे तो यहां पर एक ऋषि तपस्या कर रहे थे । उनसे हनुमान ने द्रोणागिरी पवर्त और संजीवनी बूटी का पता पूछा। फिर मिलने का वायदा कर हनुमान यहां से चले गए। वापसी में देरी होने की वजह से ऋषि से नहीं मिल पाए और बाद में उन्हें साक्षात दर्शन दिए। तब इस स्थान पर स्वयंभू प्रतिमा प्रकट हुई। इसके बाद ऋषि ने हनुमान के मंदिर की स्थापना की।