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हिमाचल: हड़ताल पर गए कर्मचारी, दो दिन नहीं मिलेंगी 102 और 108 एबुलेंस; मांगें न पूरी न होने पर विरोध में उतरे

Thu, 25 Dec 2025 11:05 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों का कहना है कि एनएचएम की ओर से उनकी लंबित मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और प्रशासन कंपनी के हित में काम कर रहा है। सीटू के बैनर तले यह हड़ताल होगी।
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108 और 102 एंबुलेंस। - फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश में 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। मांगें पूरी न होने पर विरोध पर उतरे कर्मचारी दो दिन हड़ताल पर रहेंगे, ऐसे में शुक्रवार और शनिवार को 102 व 108 एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलेंगी। वीरवार को रात आठ बजे से कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू की। यह हड़ताल 27 दिसंबर शाम आठ बजे तक जारी रहेगी। हड़ताल के दौरान दो दिन कर्मचारी प्रदेश जिला मुख्यालयों समेत नेशनल हेल्थ मिशन और एंबुलेंस चलाने वाली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

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कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें सरकारी नियमानुसार न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाए। 12 घंटे कार्य करने पर नियमानुसार डबल ओवरटाइम वेतन और सभी छुट्टियों का प्रावधान किया जाए। वहीं, गाड़ियों की मेंटेनेंस व इंश्योरेंस के दौरान कर्मचारियों का वेतन न काटा जाए, पूर्ण वेतन का भुगतान किया जाए। साथ ही हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजेएम कोर्ट शिमला और श्रम विभाग के न्यूनतम वेतन के संदर्भ में आदेशों को तुरंत लागू किया जाए।
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सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि मुख्य नियोक्ता नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मेडस्वान फाउंडेशन के अधीन काम कर रहे एंबुलेंस पायलट, कैप्टन व ईएमटी कर्मचारी शोषण के शिकार हैं। इन कर्मियों को सरकार की ओरसे घोषित न्यूनतम वेतन तक नहीं मिलता है। इनसे बारह घंटे ड्यूटी करवाई जाती है लेकिन ओवरटाइम नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जब कर्मचारी मांगों के लिए आवाज बुलंद करते हैं तो उन्हें मानसिक तौर प्रताड़ित किया जाता है।

एंबुलेंस सेवाएं न हो प्रभावित : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एंबुलेंस कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से लोगों की जान पर बन आएगी, ऐसे में सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। आईजीएमसी में रेजिडेंट्स डॉक्टर्स के मास कैजुअल लीव पर जाने के मामले में भी सरकार संवेदनशीलता के साथ प्रभावी कदम उठाएं, ताकि स्वास्थ्य सेवा प्रभावित न हो।
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