हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को 2013 में लागू किए गए रूसा (राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान) के तहत 2014 में मिली पहली बजट की किस्त के बाद से अब तक बीस करोड़ की राशि मिल चुकी है। इस राशि को विवि ने भवनों के रखरखाव, नए भवन के निर्माण व लैब सहित पुस्तकालय आदि के अपग्रेडेशन जैसी तीन मदों में खर्च किया है। इसमें से 80 फीसदी अनुदान को विश्वविद्यालय अब तक इस्तेमाल कर चुका है।
ऐसा विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दावा किया है। विश्वविद्यालय ने यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट भी जमा करवा दिए हैं। अब चार दिसंबर करो रूसा की केंद्रीय टीम अब तक जारी राशि की जमीनी स्तर पर खर्च करने से संबंधित आकलन करने के लिए विश्वविद्यालय के दौरे पर आ रही है।
इसकी तैयारी में विश्वविद्यालय के डीन प्लानिंग प्रो. अरविंद कुमार भट्ट कर्मियों के साथ रूसा से मिले अनुदान से किए गए कार्य स्थलों पर जारी बजट और व्यय की गई राशि, उसकी तिथि संबंधित बोर्ड लगाने का कार्य करने में शनिवार को डटे रहे। प्रो. भट्ट ने बताया कि बीस करोड़ में से सिर्फ वही राशि बची है जिससे नया निर्माण किया जाना था लेकिन निर्माण के लिए भूमि चयन और एनजीटी की शर्त के कारण कुछ देरी हुई है।
इसके अलावा विवि में 50 लाख की राशि से नए संस्करण की पुस्तकालयों में किताबों की खरीद की गई है। लैबों में आधुनिक और उपयोग के लिए नए उपकरणों की खरीद और अपग्रेडेशन का कार्य किया जा चुका है। नए निर्माण की मद में विवि में छात्राओं का एक नया छात्रावास विद्योतमा बनाया गया है, जिसका आवंटन भी किया जा चुका है। वहीं अपग्रेडेशन में विवि के परीक्षा विंग के डिजिटाइजेशन का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है।
विवि के खस्ताहाल छात्रावासों की मरम्मत और रखरखाव पर भी करोड़ों की राशि विवि व्यय कर चुका है। रूसा से 35 फीसदी राशि मरम्मत रखरखाव को 35 फीसदी ढांचागत सुधार व निर्माण को जबकि 30 फीसदी राशि को अपग्रेडेशन पर व्यय करने को मिली थी। इसी अनुपात में राशि को खर्च किया गया है। उन्होंने कहा कि रूसा केंद्रीय कमेटी के दौरे को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है।