एंबुलेंस 108 और 102 के कर्मचारियों ने शुक्रवार को सचिवालय के बाहर कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया। सैकड़ों की तादाद में इकट्ठे हुए इन कर्मचारियों के साथ सीटू राज्य कमेटी के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए। सीटू राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाए कि कंपनी कर्मचारियों के प्रति मजदूर विरोधी नीति अपना रही है।
श्रम कानूनों को लागू न करना और तीन शिफ्टों का दो शिफ्टों में काम लेना गलत है। उधर, 108 और 102 कांट्रेक्ट वर्कर यूनियन के अध्यक्ष पूरन ने बताया कि कर्मचारी सरकार और प्रदेश की जनता के साथ हैं परंतु सरकार और कंपनी कर्मचारियों के साथ नहीं है। सरकार ने अभी तक कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।
कर्मचारियों का कहना है कि हमें आश्वासन नहीं, निर्णय चाहिए। कहा जीवीके कंपनी ने कर्मचारियों को फोन से वार्तालाप करने के लिए बुलाया लेकिन जब कर्मचारी बताए गए स्थान पर पहुंचे तो उससे पहले ही कंपनी के अधिकारी बिना बात किए चले गए।
कर्मी सेवाएं तब देंगे, जब लिखित में सरकार और कंपनी समझौता करेगी। कहा कि ऐसा पहली बार होगा जब डेढ़ हजार से ज्यादा कर्मचारी बेरोजगार होंगे। प्रदर्शन में जगत राम, किशोरी ढडवालिया, बाबू राम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।