हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की पूर्व छात्र संगठन का 1990 दशक का चैप्टर विवि में 7 और 8 जून को एलुमनी मीट-2024 डिकेड चैप्टर-मैत्री 1990-2000 का आयोजन करेगा। इसमें विवि से इस दशक के दौरान पढ़कर गए एक हजार से अधिक विद्यार्थी भाग लेंगे। अपने विश्वविद्यालय के विकास और इसके शैक्षणिक, प्लेसमेंट के स्तर को ऊपर उठाने के लिए ये पूर्व छात्र विवि में जुटेंगे। दो दिन तक विवि में इन पूर्व छात्रों से उत्सव का माहौल रहेगा। इस दशक के छात्र रहे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सहित अपने-अपने क्षेत्र में सफलता की बुलंदियों को छूने वाले पूर्व छात्र शामिल होंगे। एलुमनी एसोसिएशन के डिकेड चैप्टर के अध्यक्ष प्रो. चंद्र मोहन परशिरा, सचिव सुरजीत चैटर्जी सिम्मी, कोषाध्यक्ष डाॅ. एमएस ठाकुर सहित हरियाणा से किसान आंदोलन में पूरी तरह से सक्रिय जेपी चौधरी ने पत्रकारों से बात करते हुए इस दो दिन के आयोजन के बारे में जानकारी दी।
छात्रों के साथ होगा संवाद, प्लेसमेंट, विवि में शिक्षा के स्तर में सुधार पर होगा मंथन
प्रो. परिशरा और डाॅ. एमएस ठाकुर ने बताया कि इस दशक के पूर्व छात्र विवि के लिए कुछ करने की इच्छा के साथ यहां जुटेंगे। इन दो दिनों में विवि में कई तरह की शैक्षणिक गतिविधियां, छात्रों के साथ पूर्व छात्रों का संवाद होगा। इसके अलावा पूर्व छात्र किस तरह से विवि के शैक्षणिक स्तर को ऊंचा उठाने और विवि के विभिन्न विभागों के छात्रों को अच्छे प्लेसमेंट दिलवाने जैसे मुद्दों पर चर्चा कर आगे की रूपरेखा तैयार करेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ इस आयोजन को लेकर चैप्टर के पदाधिकारियों की भेंट हुई और उन्हें इस आयोजन के बारे में अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने इसकी सराहना की और कहा कि अपने विश्वविद्यालय के लिए और एलुमनी एसोसिशन के लिए जो संभव सहयोग होगा, वे करेंगे।
कमेटी ने बनाई आयोजन की रूपरेखा
चैप्टर के इन पदाधिकारियों ने कहा कि बीते रोज चैप्टर की नव गठित कोर कमेटी ने आयोजन की रूपरेखा तैयार की है। इसमें पूर्व छात्रों को एक रात उनके छात्रावास में ठहरने की व्यवस्था करने का भी प्रयास किया जा रहा है, जिससे पूर्व छात्र अपने दिनों की यादों को ताजा कर सके। इस दशक के पूर्व छात्र हर तरह से विवि और एसोसिएशन को सहयोग करने को तैयार है। आयोजन के लिए चैप्टर ने एक व्हाट्सऐप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें सभी को जोड़ा जा रहा है। इस दशक में शिमला शहर से पढ़े पूर्व छात्रों से बाहर से आने वाले पूर्व छात्रों को अपने घरों में ठहराने की व्यवस्था की भी योजना है। डाॅ. महेंद्र ठाकुर ने कहा कि यह आयोजन यादगार होगा और इससे पूर्व छात्र सीधे विवि से जुड़ेंगे और विवि के शैक्षणिक सहित हर तरह के विकास में सहयोग को आगे आएंगे।