हिमाचल के सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने सौ करोड़ की राशि जारी कर दी है। यह राशि नौवीं से जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा देने और प्री प्राइमरी कक्षाओं को सुदृढ़ करने और स्कूलों में कंप्यूटर लैब का विस्तार करने पर खर्च होगी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार ने हिमाचल को यह बजट जारी किया है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि केंद्र सरकार से 90:10 के अनुपात में यह बजट मिला है। करीब 91 करोड़ केंद्र ने दिए हैं, जबकि नौ करोड़ राज्य सरकार देगी।
सरकारी स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा देने के लिए कई जिलों के स्कूलों में नए विषय शुरू किए गए हैं। इन विषयों को रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। कॉलेजों में भी सरकार ने वोकेशनल डिग्री शुरू की है। ऐसे में वोकेशनल शिक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र ने यह बजट जारी किया है। इसके अलावा सूबे के करीब चार हजार स्कूलों में चलाई जा रही प्री प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ने वाले करीब 47 हजार विद्यार्थियों को भी इस बजट के प्राप्त होने के बाद बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
इनके लिए मिड-डे मील के बजट का इंतजाम भी इस राशि से होगा। अभी शिक्षा विभाग जुगाड़ तंत्र से ही नर्सरी-केजी में पढ़ने वाले बच्चों को दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाता है। स्कूलों में आईसीटी लैब का दायरा भी इस बजट से बढ़ेगा। सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और टीचर ट्रेनिंग को मिलाकर समग्र शिक्षा अभियान बनाया गया है। यह बजट नई योजनाएं शुरू करने, खेल गतिविधियां बढ़ाने, पुस्तकालयों को मजबूत करने, डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने पर भी खर्च होगा।