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राकेश पठानिया बोले- जल भंडारण योजना पर खर्च होंगे 100 करोड़

Thu, 17 Jun 2021 07:25 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में रहती है। इनकी आय का मुख्य स्रोत कृषि व बागवानी है। इसलिए ग्रामीण समुदाय को वर्ष भर सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने से उनकी आय में कई गुना वृद्धि हो सकती है।
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वन मंत्री राकेश पठानिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वन मंत्री राकेश पठानिया ने गुरुवार को जल भंडारण योजना पर कार्यशाला की अध्यक्षता की। कहा कि हिमाचल प्रदेश में अगले दो वर्षों में 8 से 10 लाख लीटर जल ग्रहण क्षमता की लगभग तीन हजार बड़ी जल भंडारण संरचनाएं तैयार की जाएंगी। जल भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर 100 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इस वित्त वर्ष में 150 जल भंडारण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। कहा कि प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में रहती है। इनकी आय का मुख्य स्रोत कृषि व बागवानी है। इसलिए ग्रामीण समुदाय को वर्ष भर सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने से उनकी आय में कई गुना वृद्धि हो सकती है। जल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए जल भंडारण योजना का शुभारंभ किया गया है। 

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योजना के तहत वन क्षेत्रों में जल संग्रहण के लिए जल भंडारण संरचनाओं व बांधों का निर्माण किया जाएगा। जल भंडारण बांधों के निर्माण से भूमि कटाव रोकने में सहायता मिलेगी। साथ ही भूजल के स्तर में भी वृद्धि होगी। वनों में जल भंडारण संरचनाओं से पानी को अधिक समय तक रोकने में सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त हमें जल संरचनाओं के जलागम क्षेत्रों में भी छोटे-छोटे चेकडैम बनाने होंगे, जिससे प्रमुख संरचनाओं में गाद इत्यादि नहीं भरेगी और अधिक समय तक कार्य कर पाएंगी। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन निशा सिंह, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन बल डॉ. सविता, प्रबंध निदेशक वन विकास निगम अजय श्रीवास्तव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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