हिमाचल सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग में लैब तकनीशियनों की भर्ती को लेकर जारी किए गए नए निर्देशों से 10वीं कक्षा पास करने के बाद लैब तकनीशियन का डिप्लोमा कर रोजगार की राह देख रहे बेरोजगारों को बड़ा झटका लगा है। डिप्लोमा होल्डर्स ने सरकार के इस निर्देश को उनके साथ नाइंसाफी करार दिया है।
वहीं करीब 15-15 सालों से आरकेएस के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की प्रयोगशालाओं में सेवाएं प्रदान कर रहे डिप्लोमा होल्डर लैब तकनीशियन भी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। सरकार की ओर से हाल ही में जारी किए गए फरमानों में अभी 674 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की है।
जिनमें 154 पद रोजगार कार्यालय के हवाले करते हुए बैच वाइज आधार पर भरने का निर्णय लेते हुए आंकड़े मांगे गए हैं। वहीं 520 पदों को कमीशन में भरा जाना है। इसमें सभी पदों को भरने के लिए आवेदकों की शैक्षणिक योग्यता बीएससी निर्धारित कर दी गई है।
जबकि दसवीं के बाद लैब तकनीशियन का डिप्लोमा हासिल किए और हिमाचल प्रदेश मैरा मेडिकल काउंसिल से पंजीकृत हजारों बेरोजगार लैब तकनीशियनों और आरकेएस में पहले से ही सेवाएं दे रहे सैकड़ों कर्मचारियों का बाइपास कर दिया है, जिससे उन्हें अब अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है।