नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र बुलाना सरकार की मजबूरी है। दस दिन तक चलने वाल सत्र में सरकार पिछले छह माह की अवधि के दौरान एक-एक रुपए के खर्चे का पूरा हिसाब लेगी। मुकेश ने कहा कि प्रदेश में भी कोरोना संकट बना हुआ है और कोरोनकाल में सरकार ने कितना खर्चा किया और इसकी आड़ में भ्रष्टाचार को लेकर विपक्ष सदन में पूरी तरह से घेरेगा।
विपक्ष के पास पिछले छह माह के दौरान के जनता के अहित में लिए फैसले ज्वलंत मुद्दों के हथियार साथ में रहेंगे। इन हथियारों से सरकार को पूरी तरह से घेरा जाएगा। सरकार ने विधायक निधि में कटौती की और सरकार ने अपने फिजूलखर्ची तक नहीं रोकी। जनता पर बिजली, पानी और तेल की महंगी दरें थोपी गई। ऐसे संकट काल में ऐसी क्या मजूरी थी कि जयराम सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार करना पड़ा और मंत्रियों के विभाग बदलने पड़े।