मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क पर 1,923 करोड़ खर्च किए जाएंगे। 1,000 हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी, जबकि 923 करोड़ प्रदेश सरकार उपलब्ध करवाएगी।
उद्योग, परिवहन व श्रम एवं रोजगार मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि ऊना के हरोली में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क के लिए उद्योग विभाग ने 1,923 करोड़ की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर ली है। जल्द इसे कैबिनेट बैठक में मंजूरी दिलाई जाएगी। मंत्री ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम सीमित के निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की। इसके बाद धर्मशाला में प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क पर 1,923 करोड़ खर्च किए जाएंगे। 1,000 हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी, जबकि 923 करोड़ प्रदेश सरकार उपलब्ध करवाएगी।
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कहा कि डीपीआर को जल्द कैबिनेट बैठक में मंजूरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे केंद्र सरकार से जल्द राशि लेकर परियोजना को धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने बताया कि इसमें करीब 600 दवाई उत्पादक इकाइयां स्थापित की जाएंगी। मंत्री ने बताया कि बल्क ड्रग पार्क में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 50,000 से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलेगा। पूरे देश को केवल तीन बल्क ड्रग पार्क मिले हैं। औद्योगिक नीति के आधार पर हिमाचली युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। आंध्र प्रदेश और गुजरात के साथ हिमाचल को बल्क ड्रग पार्क के लिए चुना गया है। दवाई उद्योग में देश में जो दवाइयां बन रही हैं, उनका करीब 90 फीसदी कच्चा माल चीन से आयात करना पड़ता है। हरोली में नया बल्क ड्रग पार्क बनने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के प्रयासों में तेजी आएगी।
बद्दी-बरोटीबाला को कोलकाता-अमृतसर कोरिडोर से जोड़ने को मिलेगी केंद्र से मदद
उद्योग मंत्री ने कहा कि बद्दी बरोटीबाला में फार्मा उद्योग चल रहे हैं। औद्योगिक विकास के लिए सरकार ने कारगर कदम उठाए हैं। हिमाचल के बद्दी-बरोटीबाला को कोलकाता-अमृतसर कोरिडोर के साथ जोड़ा गया है। आने वाले समय में यहां अधोसंरचना विकास के लिए केंद्र से बहुत बड़ी आर्थिक मदद मिलने वाली है। मेडिकल डिवाइस पार्क नालागढ़ को भी जमीन पर उतारने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। एचपीएसआईडीसी इसके अधोसंरचना विकास के लिए कार्य करेगा