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एसआई एस.शिवन्या: जो समाज कभी देता था ताने, आज उसी की कर रही हैं सुरक्षा, जानिए पूरी कहानी

Mon, 02 Aug 2021 12:45 PM IST
Abhilash Srivastava लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एस शिवन्या बनीं प्रेरणा - फोटो : Social media
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भले ही हमारा समाज 21वीं सदी में कितना आगे बढ़ गया हो लेकिन अब भी ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के लिए चुनौतियां कम नहीं हुई है। इस समुदाय के लोगों को अक्सर सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पर कहते हैं न, अगर हौंसले मजबूत हों तो सारी बाधाएं छोटी नजर आती है, तीस वर्षीय ट्रांसवुमन एस शिवन्या ने एक ऐसी ही मिसाल लोगों के सामने पेश की है। कभी समाज जिसे ताने दिया करता था, आज उसी समाज की सुरक्षा का जिम्मा शिवन्या के कंधों पर है।
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तमिलनाडु की रहने वाली  शिवन्या का चयन तिरुवन्नामलाई ज़िले में सब इंस्पेक्टर के तौर पर हुआ है। लिखित और मौखिक परीक्षाओं को पास करने के बाद, एस शिवन्या को हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के हाथों से नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ है। शिवन्या को तिरुवन्नामलाई शहर के पावुपट्टू गांव में एसआई के पद पर नियुक्त किया गया है। सामाजिक तानों और उपेक्षा को नज़रअंदाज करते हुए शिवन्या ने अपनी लगन और मेहनत जारी रखी और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दिया। लिहाजा आज वह जिले की पहली ट्रांसजेंडर एसआई बन गई हैं।

शिवन्या कहती हैं, मुझे नहीं पता कि मैं अपनी खुशी का वर्णन कैसे करूं? मैंने समाज के तानों को नजरअंदाज करते हुए सिर्फ प्रतियोगी परीक्षा को पास करने पर ध्यान दिया। मेरी दृढ़ता रंग लाई, शायद अब लोग हमारे समुदाय के बारे में अपनी सोच बदलें, अगर ऐसा होता है तो यही मेरी सबसे बड़ी जीत होगी। 
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शिवन्या वाणिज्य में स्नातक हैं। वह कहती हैं, लॉकडाउन के चलते चयन के लिए शारीरिक और चिकित्सा परीक्षण के साथ साक्षात्कार की प्रक्रिया में काफी देरी हुई। औपचारिकताएं पिछले साल तक पूरी हो जानी चाहिए थीं, लेकिन महामारी के कारण मुझे इंतजार करना पड़ा, लेकिन मैने अपना आपा नहीं खोया।
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शिवन्या पुलिस सेवा में जगह बनाने वाली तिरुवन्नामलाई जिले की पहली ट्रांसवुमन हैं। लेकिन वह वर्तमान नौकरी से ही संतुष्ट नहीं हैं। वह कहती हैं, मुझे यही नहीं रुकना और आगे बढ़ना है। मेरा सपना ग्रुप- I (TNPSC) की परीक्षा पास करके और डीएसपी बनने की है। वह जीवन में अपनी सफलता के लिए परिवार के समर्थन को श्रेय देती हैं। शिवन्या कहती हैं, मेरे माता-पिता और भाइयों ने मेरा समर्थन किया, मुझे प्रोत्साहित करते रहे। अगर मुझे इतना सपोर्ट न मिला होता तो शायद मैं भी और लोगों की तरह कब का हिम्मत हार चुकी होती। 

शिवन्या कहती हैं, पुलिस सेवा में भर्ती मिलना मेरे साथ मेरे समुदाय के और युवाओं के लिए प्रेरणा साबित हो, ऐसे मेरी इच्छा है ताकि और लोग भी आगे बढ़ें और कुछ बेहतर कर सकें। शिवन्या के बड़े भाई स्टालिन भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, जबकि छोटा भाई तमिलनिधि, पुलिस कांस्टेबल के रूप में कार्यरत है। 
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