लेकिन उनके पोते ने उन्हें खेल की ओर प्रेरित किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए ट्रेनिंग दी। भगवानी देवी पिछले 1 साल से फिनलैंड में होने वाली चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर रही थीं। वह रोजाना सुबह 5 बजे उठकर दौड़ लगाने जाती, शाम में फिर रनिंग पर जाया करती थीं।
भगवानी देवी की सफलता
इसी साल अप्रैल में भगवानी देवी ने दिल्ली स्टेट में 3 गोल्ड जीते, साथ ही चेन्नई नेशनल के दौरान 3 गोल्ड मेडल हासिल किए। उसके बाद इंग्लैंड चैंपियनशिप में 1 गोल्ड और 2 कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। भगवानी देवी के परिवार में बेटे हवा सिंह डागर के अलावा बहू सुनीता, पोता विकास डागर, विनीत डागर, नीतू डागर और पढ़ पोते निकुंज और विश्वेंद्र हैं।