भारत में स्टार्टअप निवेश में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति के कारण देश में महत्वपूर्ण व्यवसाय और आर्थिक विकास हुआ है। भारतीय महिलाएं आज स्टार्टअप निवेश खेल का नेतृत्व कर रही हैं। बेंगलुरु और यूएस बेस्ड ओपन सोर्स इंजन हसूरा कंपनी की सीईओ और सह-संस्थापक एक महिला हैं। हसूरा भारत में ऐप डेवलपमेंट को बदलने में सबसे आगे हैं। इसकी सह संस्थापक का नाम राजोशी घोष है।
राजोशी घोष का स्टार्टअप
राजोशी घोष ने साल 2017 में हसुरा की स्थापना की थी। राजोशी घोष ने तकनीकी उद्योग में क्रांति लाकर डेवलपिंग क्षेत्र को सशक्त बनाया है। घोष के नेतृत्व में, हसूरा तकनीकी क्षेत्र में एक अग्रणी के रूप में उभरा है, जिसने वैश्विक मान्यता और साझेदारी के अवसरों को आकर्षित किया है। टेक्नोलॉजी के प्रति घोष के जुनून और डेवलपर सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता ने कंपनी को आधुनिक अनुप्रयोगों के निर्माण के लिए एक उपयुक्त मंच दिया।
सिंगापुर यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई
राजोशी घोष ने कोरोना दौर की परेशानी के बीच 2023 में कंपनी का मार्केट कैप लगभग 8 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया था। घोष ने अपनी मेहनत से स्टार्टअप को यूनिकॉर्न में बदल दिया। राजोशी घोष 36 साल की हैं और तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली महिला हैं। राजोशी ने सिंगापुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस इग्नीट ग्लोबल इनोवेशन प्रोग्राम में शामिल हुईं।