प्राइवेट स्कूल की नौकरी छोड़ बन गई उद्यमी
साकेत नगर में रहने वाली दिव्या तिवारी ने एमबीए किया है। एक निजी स्कूल में कंप्यूटर की टीचर थी लेकिन इनमें भी कुछ अलग करने का जज्बा था। और नौकरी छोड़कर अब होजरी उत्पादों की ट्रेडिंग कर रही हैं। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 13 लोगों को रोजगार भी दे रहीं हैं।
दिव्या के पति आशुतोष शुक्ला, बड़ौदा यूपी बैंक रनियां शाखा में कार्यरत हैं। इनके परिवार में सभी नौकरी पेशा हैं। दूर-दूर तक कारोबार से नाता नहीं था लेकिन अब उनका सपना मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने का सपना है। दिव्या ने 2011 में बीसीए, 2013 में एमबीए किया था।
इसके बाद वैंडी एकेडमी में दो साल कंप्यूटर टीचर के तौर पर नौकरी की। इसके बाद उनकी शादी हो गई। फिर 2018 में उन्होंने पढ़ाना शुरू किया। इस बीच उन्होंने होजरी उत्पादों की ट्रेडिंग शुरू कर दी। पिछले साल नवंबर में फर्म का पंजीकरण कराया। पूंजी की जरूरत हुई तो एक जिला एक उत्पाद ओडीओपी योजना के तहत आवेदन किया।
उन्हें साढ़े नौ लाख रुपये लोन के तौर पर मिले। अब वो अपने दो होजरी के ब्रांडों को कानपुर व आसपास के दो सौ किलोमीटर में बिक्री कर रही हैं। मौजूदा समय में 12 लाख का टर्नओवर हो चुका है। उनके मुताबिक नौकरी के दौरान ही खुद का कारोबार करने की ठानी थी। पति के मित्र के सहयोग से होजरी के उत्पादों का काम करना शुरू किया। अभी तीन लोगों का स्टाफ है। जबकि 10 अन्य लोग अप्रतत्यक्ष तौर पर रोजगार पा रहे हैं।