वायुसेना में कैसे हुईं शामिल
शिवांगी के नाना वीएन सिंह सेना में कर्नल थे। रिटायर होने के बाद वह नई दिल्ली में रहते थे। शिवांगी अक्सर अपनी मां के साथ नाना से मिलने दिल्ली जाया करती थीं। एक बार जब शिवांगी हाई स्कूल में थीं, तब उनके नाना दिल्ली में उन्हें एयरफोर्स का म्यूजियम दिखाने के लिए ले गए। शिवांगी ने जब एयरफोर्स के विमान और वायु सैनिकों की यूनिफार्म देखी तो काफी उत्साहित हुईं और उन्होंने एयरफोर्स में जाने की ठानते हुए अपने नाना से कहा कि वह भी फाइटर विमान उड़ाएंगी।
एमएससी करने के बाद साल 2015 में शिवांगी ने वायुसेना की परीक्षा पास की और डेढ़ साल कर ट्रेनिंग ली। साल 2017 में उन्हें देश की पांच महिला फाइटर विमान पायलटों की टीम में चुना गया। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद शिवांगी मिग-21 की फाइटर पायलट बनीं।
पायलट शिवांगी सिंह की उपलब्धि
शिवांगी सिंह ने दिल्ली में गणतंत्र दिवस 2013 की परेड में उत्तर प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व किया था। बीएचयू में शिवांगी नेशनल कैडेट कोर में 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन का हिस्सा रह चुकी हैं। शिवांगी मिग 21 से उड़ान भर चुकी हैं। राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर पर लगे एयरबेस पर शिवांगी की तैनाती रही। विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के साथ भी शिवांगी ने काम किया है।