सौम्या शर्मा की यूपीएससी में 9वीं रैंक
सौम्या को न तो रिविजन करने का समय मिला और न ही उनके हालात ऐसे थे। एक्जाम के समय बुखार और ड्रिप लगने से वह लगभग बेहोशी की हालत में थीं। सौम्या ने फिर भी परीक्षा दी। ये उनके दृण निश्चय का ही फल है कि ऑल इंडिया में सौम्या शर्मा ने 9वीं रैंक हासिल की और आईएएस अधिकारी बन गईं।
सौम्या के पास नहीं है सुनने की शक्ति
सौम्या की ये उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सौम्या सुन नहीं सकतीं। जब सौम्या 16 साल की थीं तो अचानक ही उनके सुनने की शक्ति चली गई। माता पिता डाॅक्टरों के पास सौम्या के इलाज को लेकर चक्कर लगाते रहे लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। डाॅक्टरों के मुताबिक, सौम्या ने अपनी 90 से 95 फिसदी सुनने की क्षमता खो दी थी। सौम्या के लिए यह सबसे कठिन दौर था। सौम्या के लिए सब कुछ काफी कठिन हो गया। सौम्या को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा हालांकि बाद में उन्होंने इस सदमे से उबरने की कोशिश की और जीवन को एक फाइटर की तरह जीना शुरू किया। अब सौम्या हियरिंग ऐड की मदद से सुनती हैं।