निर्मला सीतारमण ने दावा किया कि 'राज्य सरकार द्वारा संचालित मंदिरों में भगवान श्रीराम के नाम पर कोई पूजा, भजन या प्रसाद वितरण नहीं होगा। पुलिस मंदिरों को ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने से रोक रही है। आयोजनकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है।'
सोमवार को होने वाले राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए पूरा देश प्रभु श्रीराम की भक्ति में डूबा हुआ है। वहीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया है कि तमिलनाडु सरकार ने अयोध्या राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लाइव टेलीकास्ट पर प्रतिबंध ही लगा दिया है। वित्त मंत्री ने लिखा 'तमिलनाडु में 200 से ज्यादा भगवान श्रीराम के मंदिर हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित मंदिरों में भगवान श्रीराम के नाम पर कोई पूजा, भजन या प्रसाद वितरण नहीं होगा। पुलिस मंदिरों को ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने से रोक रही है। आयोजनकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है। इस हिंदू विरोध की हम कड़ी निंदा करते हैं।'
विज्ञापन
'लाइव टेलीकास्ट के समय कट सकती है बिजली'
वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा 'यह देखना दुखदायक है कि तमिलनाडु में लोगों को भजन करने, गरीबों को खाना खिलाने और मिठाई बांटकर उत्सव मनाने से भी रोका जा रहा है और उन्हें धमकाया जा रहा है। केबल टीवी ऑपरेटर्स ने बताया है कि अयोध्या राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लाइव टेलीकास्ट के दौरान बिजली कट सकती है। विपक्षी गठबंधन की सहयोगी पार्टी डीएमके, हिंदू विरोधी कोशिशें कर रही है।'
'हिंदू विरोधी है डीएमके सरकार'
वित्त मंत्री ने लिखा, 'तमिलनाडु सरकार लाइव टेलीकास्ट प्रतिबंध को उचित ठहराने के लिए कानून व्यवस्था के बिगड़ने का दावा कर रही है। यह एक झूठी और फर्जी कहानी है! अयोध्या फैसले के दिन कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं थी। देश-भर में उस दिन भी कोई समस्या नहीं थी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का शिलान्यास किया था। तमिलनाडु में प्रभु श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा उत्सव को मनाने के लिए लोगों में उमड़ी स्वैच्छिक भागीदारी और भावना ने हिंदू विरोधी डीएमके सरकार को बेहद परेशान कर दिया है!'
विज्ञापन
तमिलनाडु सरकार ने आरोपों से किया इनकार
वहीं तमिलनाडु सरकार के हिंदू धर्म और धर्मार्थ प्रबंधन मंत्री शेखर बाबू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर प्रतिबंध के आरोपों से साफ इनकार किया है। शेखर बाबू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'वह भ्रामक खबरों को फैलाने की कड़ी निंदा करते हैं। यह डीएमके की यूथ कॉन्फ्रेंस से ध्यान भटकाने की कोशिश है। विभाग ने मंदिरों में प्रसाद बांटने, पूजा करने आदि पर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य लोग जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं।'
पूर्व सीएम ने की छुट्टी की मांग
तमिलनाडु के पूर्व सीएम ओ पनीरसेल्वम ने राज्य सरकार से अपील की है कि अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दिन राज्य में सार्वजनिक छुट्टी का एलान किया जाए। उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी के दिन कई राज्यों में सार्वजनिक छुट्टी का एलान किया गया है। वहीं केंद्र सरकार ने भी 22 जनवरी के दिन हाफ डे की छुट्टी का एलान किया है।