वामन पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति सरस्वती के उत्तरी तट पर पिहोवा में जप करता हुआ अपना शरीर त्याग देता है, उसे निश्चित रूप से अमरत्व की प्राप्ति होती है। पिहोवा के पवित्रतम सरस्वती तीर्थ सरोवर के तट पर पितरों के पिंडदान के लिए आज भी देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। चैत्र चौदस को यहां भारी मेला लगता है।
प्राण प्रतिष्ठा पर सजेंगे मठ व मंदिर, होगा रामचरित मानस का पाठ
अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह है। यही कारण है कि यहां भी उत्सव की तैयारी शुरू हो गई है। अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व यहां के विभिन्न मठ मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। साथ ही रामचरित मानस और सुंदरकांड का पाठ भी किया जाएगा।