उन्होंने कहा कि देश को आजादी मिलने के बाद हिन्दू समाज को आशा थी कि जो हमारे मंदिर तोड़े गये हैं, वे हमें प्राप्त हो जायेंगे लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तब आन्दोलन करना पड़ा। राम मंदिर के लिए नौजवानों ने कारसेवा की। एक सुंदरर इतिहास खड़ा हो गया।
डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि कुछ लोग राम का प्रमाण मांगते हैं। राम का नाम आज करोड़ों लोग अपने मन में स्थिर कर रखे हैं। इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है। राम के नाम पर नगरों, गांवों और लोगों के नाम हैं। राम भारत के लोक जीवन में बस गये हैं। राम इस देश की अंतरात्मा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आन्दोलन समाज को एक दृष्टि देता है।