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Ram Mandir: राम मंदिर आंदोलन की पूरी कहानी, संघ की पत्रिका में तथ्यात्मक जानकारी देने की कोशिश

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 20 Jan 2024 02:43 PM IST

सार

डॉ. कृष्णगोपाल ने शनिवार 20 जनवरी को राम नगरी अय़ोध्या स्थित तुलसी उद्यान में राष्ट्रधर्म पत्रिका के ‘श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा’ विशेष अंक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस समय मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान को लेकर अयोध्या में विशेष वातावरण है...
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Ram mandir: राष्ट्रधर्म के विशेषांक का लोकार्पण करते सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल - फोटो : Amar Ujala

उन्होंने कहा कि देश को आजादी मिलने के बाद हिन्दू समाज को आशा थी कि जो हमारे मंदिर तोड़े गये हैं, वे हमें प्राप्त हो जायेंगे लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तब आन्दोलन करना पड़ा। राम मंदिर के लिए नौजवानों ने कारसेवा की। एक सुंदरर इतिहास खड़ा हो गया।

डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि कुछ लोग राम का प्रमाण मांगते हैं। राम का नाम आज करोड़ों लोग अपने मन में स्थिर कर रखे हैं। इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है। राम के नाम पर नगरों, गांवों और लोगों के नाम हैं। राम भारत के लोक जीवन में बस गये हैं। राम इस देश की अंतरात्मा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आन्दोलन समाज को एक दृष्टि देता है।

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