डॉ. जगबीर सिंह
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अयोध्या में कार सेवा के दौरान 2 नवंबर 1990 को हुई पुलिस फायरिंग के दौरान हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन रहे डॉ. जगबीर सिंह मौजूद थे। वह बताते हैं कि छह दिन का सफर करके वह 132 लोगों के साथ अयोध्या पहुंचे थे। हनुमान गढ़ी के पास चौक में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें कोठारी भाइयों को गोलियां लगीं और डॉ. जगबीर सिंह के कान के पास से गोली निकली। कोठारी भाइयों को चारपाई पर डालकर हनुमान गढ़ी तक पहुंचाया। डॉ. जगबीर सिंह वर्तमान में राज्य सूचना आयुक्त हैं।
डॉ. जगबीर सिंह बताते हैं कि 24 अक्तूबर को वह 66-66 रामभक्तों की दो वाहिनियों को तीन बसों में लेकर दिल्ली पहुंचे। सभी लोगों ने दिल्ली में ट्रेन पकड़ी और फैजाबाद के लिए रवाना हुए। आगरा में ट्रेन रोक ली गई। वहां से बचे तो गोंडा में ट्रेन को आगे नहीं जाने दिया। पुलिस से बचते हुए गोंडा से अयोध्या के लिए पैदल रवाना हुए।
30 अक्तूबर को सरयू के पुल पर पहुंचे। रात में अंधेरे में 108 लोग अयोध्या के लिए रवाना हुए। गांवों में लोगों ने स्वागत किया। रहने, खाने में मदद की। एक नवंबर को हनुमान गढ़ी के पास चौक में सभाएं हुईं। दो नवंबर को पुलिस ने घेर लिया और फायरिंग की।
इसी दौरान डॉ. जगबीर सिंह कोठारी भाइयों के पास ही खड़े थे। पुलिस की गोलियां कोठारी भाइयों को लगीं और उनके कान के पास से गोली निकली। काफी लोग आसपास के मकानों में छिप गए। साथ मौजूद रामभक्तों के साथ कोठारी भाइयों को चारपाई पर डालकर हनुमान गढ़ी ले गए, जहां कोठारी भाइयों के परिचित मिले तो उन्हें सौंप दिया।
काफी लोगों को पुलिस खींचकर ले जा रही थी। उस समय हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल आरएसएस के विभाग प्रचारक थे। रात में उन्हें फोन करके घटना की जानकारी दी। हनुमानगढ़ी से किसी तरह फैजाबाद पहुंचे और दिल्ली होते हुए हिसार आए। चार नवंबर को हिसार पहुंचे।