पूजा में शामिल पीएम मोदी और मोहन भागवत
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रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पूजा में पीएम मोदी के साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी पूजा में शामिल हुए। मंत्रोच्चार के बीच पीएम मोदी और मोहन भागवत ने पूजा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन भी गर्भगृह में मौजूद रहीं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद भगवान रामलला की पहली भव्य आलौकिक तस्वीर सामने आ गई है। गर्भगृह में पूजा के दौरान शंखों की ध्वनि और मंत्रोच्चार के चलते पूरा माहौल राममय दिखा। शहनाई और अन्य शास्त्रीय वाद्य यंत्रों से प्रभु श्रीराम का स्वागत किया गया।
प्रधानमंत्री ने रामलला की आरती उतारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंख और घंटियों की स्वर लहरियों के बीच पीएम मोदी ने रामलला की आरती उतारी। मोहन भागवत ने भी थाली में दीप रखकर रामलला की आरती उतारी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने रामलला की परिक्रमा कर भगवान का आशीर्वाद लिया। गर्भगृह में पूजन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भावुक नजर आए। प्राण प्रतिष्ठा पूजन के समय गर्भगृह में राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत नृत्य गोपाल दास भी मौजूद रहे। अभिजीत मुहूर्त में 85 सेकेंड में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज के हाथों से चरणामृत ग्रहण कर अपने 11 दिन के अनुष्ठान को पूरा किया।
प्रधानमंत्री मोदी बोले- 'गुलामी की मानसिकता को तोड़कर उठ खड़ा हुआ राष्ट्र'
प्राण प्रतिष्ठा के बाद पीएम मोदी ने अपने संबोधन में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से देश की चेतना के जाग्रत होने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा 'भारत के संविधान की पहली प्रति में भगवान राम विराजमान हैं। संविधान के अस्तित्व में आने के बाद भी दशकों तक प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को लेकर कानूनी लड़ाई चली। मैं भारत की न्यायपालिका का आभार व्यक्त करूंगा, जिसने न्याय की लाज रखी। गुलामी की मानसिकता को तोड़कर उठ खड़ा हुआ राष्ट्र, अतीत के हर दंश से हौसला लेता हुआ राष्ट्र ही नए इतिहास का सृजन करता है। आज से हजार साल बाद भी लोग आज की तारीख को याद करेंगे और आज के इस पल की चर्चा करेंगे।'