अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही अस्पतालों और घरों में जब किलकारी गूंजी तो जयश्रीराम के नारे लगे। अस्पताल के स्टाफ ने तिलक लगाकर आरती उतारी। अधिकांश बच्चों का नाम राम, श्रीराम रखा गया।
अयोध्या में भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के दिन यानी 22 जनवरी को कई घरों में किलकारी गूंजी। सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राइवेट नर्सिंग होम और घरों में राम के रूप में बच्चों ने जन्म लिया तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बच्चे के जन्म के बाद अस्पताल के स्टाफ ने आरती उतारी।
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झूंसी की वंदना सोनी ने डफरिन अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। वंदना ने कहा कि बच्चे के रूप में भगवान राम मेरे घर आए हैं। बच्चे का नाम राम रखूंगी। इसी तरह दरियाबाद की रोजी ने भी बच्चे को जन्म दिया। उसने कहा कि ऊपर वाला एक है, इसलिए बच्चे का नाम मोहम्मद जव्वाद रखेंगे। डफरिन अस्पताल में रात 12 बजे के बाद से अब तक कई बच्चों ने जन्म लिया। अधिकतर बच्चे ही रहे।
परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है। डफरिन में बच्चे के जन्म के बाद डॉ. सुनीता अंसारी, डॉ. पल्लवी सहित अन्य नर्स और स्टाफने बच्चे की राम के रूप में पूजा की और रोली का तिलक लगाया। फूल चढ़ाकर आरती उतारी और मिठाइयां बांटी। जयश्री राम और भये प्रकट कृपाल का उद्घोष किया गया।