नाबालिक मासूम से दरिंदगी मामले में पुलिस ने अनिल कुमार मीणा निवासी दौसा को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि उनकी टीम लगभग 500 लोगों से पूछताछ करने के बाद वो आरोपी तक पहुंच पाई है।
आरोपी ने दौसा के एक होटल में अपने घर वालों के साथ शादी समारोह में शामिल होने आई 6 साल की मासूम से दुष्कर्म किया था। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। दौसा पुलिस में अनिल कुमार मीणा, जो घटनास्थल होटल के नजदीक का रहने वाला है, उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि नाबालिक से दुष्कर्म मामले को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए शादी में शामिल तमाम लोगों से पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि दुष्कर्म का आरोपी शादी में शिरकत करने नहीं आया था, बल्कि वह होटल के नजदीकी रहता है।
एडिशनल एसपी शेखावत ने बताया कि पूछताछ के बाद पुलिस को पता लगा की शादी वाले दिन रात को 11:00 बजे दुष्कर्म पीड़िता 6 वर्षीय मासूम की दादी और मां सड़क पर खड़े कैंपर गाड़ी में अपनी दो बच्चियों के साथ बैठ गईं। उनकी तीसरी बच्ची को कोई अंदर से ले आए इसके लिए इंतजार कर रही थी। वो कुछ लोगों को आवाज भी लगा रही थी, इसी बीच अनिल कुमार मीणा नामक युवक रास्ते से गुजर रहा था। अनिल ने नाबालिक के घर वालों की आवाज सुनकर कहा कि तुम्हारी बच्ची को मैं लेकर आता हूं। वो बच्ची को लेने के लिए होटल के अंदर चला गया लगभग 15 से 20 मिनट बाद अनिल बच्ची को उसकी दादी और मां के पास छोड़कर चला गया, जिसके बाद वह लोग अपने घर पहुंच गए।
हरकत में आई पुलिस
शादी से अपने घर पहुंचने के बाद दादी और नाबालिक की मां को पता चला कि लड़की के साथ गलत काम हुआ है। इसके बाद सारा मामला संज्ञान में आया, जिसकी रिपोर्ट महिला थाने में मासूम पीड़िता के पिता ने दर्ज करवाई। दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दौसा पुलिस हरकत में आई। आईजी के निर्देश पर तुरंत कई टीमों का गठन कर अलग-अलग दिशाओं में पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी अनिल मीणा को पकड़ लिया।
होटल के कैमरे सही होते तो जल्दी होता खुलासा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह शेखावत ने कहा कि होटल के अंदर मौजूद तमाम सीसीटीवी कैमरा खराब पड़े हुए हैं जिसके चलते मामले का खुलासा करना पुलिस के लिए एक बड़ा चैलेंज था, लेकिन अब उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को लिख दिया है कि तमाम होटल में सीसी टीवी कैमरा चालू रखने के लिए अधिकारी कठोर कार्रवाई करें।