राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक दिलदहला देने वाले मामला सामने आया है। जहां एक युवक शादी का झांसा देकर एक युवती को अपने साथ ले गया। कुछ दिन युवती को अपने साथ रखकर आरोपी युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया फिर किसी और लड़के को बेच दिया। इसी तरह युवती चार बार बिकी, इस दौरान उसके साथ पांच लोगों ने दुष्कर्म किया। मौका लगते ही युवती ने कॉल कर अपने भाई को सूचना दी। जिसके बाद उसने पुलिस की मदद से अपनी बहन को दरिंदों के चंगुल से आजाद कराया। बुधवार को पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, मामला भीलवाड़ा जिले के कारोई थाना इलाके है। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। उसका एक बड़ा भाई है, जिसके साथ वह रहती थी। बदनौर के मोटरास गांव में रहने बंशीलाल पुत्र धर्मा रेबारी ने किसी परिचित से उसका नंबर लिया था। इसके बाद वह उसे फोन करने लगा, धीरे-धीरे दोनों में बातें होने लगी। बंशीलाल ने उसके सामने शादी करने प्रस्ताव रखा, जिसे उसने स्वीकार कर लिया। करीब छह महीने पहले बंशीलाल लड़की के गांव आया और उसे अपने साथ ले गया। 10 दिन तक वह उसने लड़की को अपने साथ पाली में रखा। इस दौरान उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया और फिर में बंद्रीलाल को दस हजार रुपये में बेच दिया।
आरोपी बद्रीलाल लड़की को भीलवाड़ा लेकर आ गया। उसने लड़की को करीब 15 दिन अपने साथ रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद दस हजार रुपये लेकर कल्लूराम को बेच दिया। पाली जिले के देवासी की ढाणी में रहने रहने वाला कल्लू युवती को बेंगलुरू ले गया। जहां किराए पर कमरा लेकर उसने युवती को अपने साथ रखा। करीब एक महीने तक बंधक बनाकर आरोपी कल्लू उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। इसके बाद उसने युवती को पाली जिले के रहने वाले पुखराज को 20 हजार में बेच दिया।
पाली के रास बाबरा में रहने वाले आरोपी पुखराज ने युवती के साथ एक महीने तक दुष्कर्म किया। वह उसके साथ एक किराए के कमरे में रहता था। एक महीने तक युवती के साथ दरिंदगी करने के बाद पुखराज ने उसे पांच हजार रुपये में घासीराम को बेच दिया। आरोपी घासीराम ने युवकी को पाली के खैरवा गांव में 15 दिन तक रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद कल्लूराम उसे फिर से वापस ले गया।
कल्लूराम करीब तीन महीने से रास में युवती को अपने साथ रखे हुए था। मौका मिलते ही युवती ने आरोपी के फोन से अपने बड़े भाई को कॉल कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता का भाई कारोई थाने पहुंचा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने रास से युवती के आरोपी के चंगुल से आजाद कराया।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता की मौत हो गई। बंशीलाल ने उससे शादी करने की बात कही तो उसने उसकी बात पर भरोसा कर लिया। उसके लगा कि बंशीलाल के साथ शादी कर वह अपनी जिंदगी आराम से जी सकती है, उसे इसका आभास नहीं था कि वह उसके साथ ऐसा करेगा। उसके साथ हुई दरिंदगी ने उसकी आत्मा तक को झकझोर दिया है। पीड़िता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।