राजस्थान में देवस्थान विभाग के अन्तर्गत आने वाले सभी मंदिरों में गुरुवार यानी कल गुरु-पुष्य संयोग के अवसर पर पीला ध्वज फहराया जाएगा। देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत ने बुधवार को श्रीराम मंदिर परिसर स्थित देवस्थान विभाग के कार्यालय में प्रेस वार्ता कर ये जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि गुरु- पुष्य दुर्लभ संयोग है, इस अवसर पर 'ऊँ' लिखा पीले रंग का ध्वज प्रदेश के सभी देवस्थान मंदिरों में लगाया जाएगा। इसकी शुरुआत प्रातः 7 बजे जयपुर शहर के बड़ी चौपड़ स्थित कल्कि मंदिर से की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीला रंग गुरु को समर्पित है और ओम शक्ति का प्रतीक है। प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए देवस्थान विभाग द्वारा ये नई शुरुआत की जा रही है।
धार्मिक स्थलों का हो रहा विकास
देवस्थान मंत्री शकुंतला ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास और रखरखाव पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। विभाग के अन्तर्गत 593 मंदिर आते हैं और उनके रखरखाव के लिए 593 लाख रुपए दिए गए हैं। पुजारियों को दिया जाने वाला मानदेय भी 3 हजार से बढ़ाकर 5 हजार रुपये किया गया है। जयपुर के सुप्रसिद्ध गोविंद देव जी मंदिर को उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
तीर्थ यात्रियों की संख्या होगी 40 हजार
मंत्री रावत ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ योजना के अंतर्गत 20 हजार वरिष्ठ नागरिकों के तीर्थ यात्रा के सपने को पूरा किया गया है। अब यह संख्या बढ़ाकर 40 हजार की जाएगी। इनमें से 36 हजार वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन से तीर्थ यात्रा कराई जाएगी और शेष नागरिकों को विमान द्वारा काठमांडू, नेपाल की तीर्थ यात्रा के सपने को साकार किया जाएगा।
ऑनलाइन दर्शन की मिलेगी सुविधा
मंत्री ने बताया कि प्रदेश के प्रसिद्ध ऋषभदेव और गोगामेड़ी मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन दर्शन की शुरुआत की जा चुकी है। विभाग द्वारा शीघ्र ही अन्य 5 प्रमुख मंदिरों में ऑनलाइन दर्शन की सुविधा शुरू की जाएगी।