बाडमेर के रेवाडा गांव में एक महिला ने बुधवार को अपनी तीन बेटियों के साथ कुएं में कूद कर जान दे दी। मामला की जानकारी पाकर पचपडरा पुलिस मौके पर पहंची और चारों लाशों को कुएं से निकलवाया।
अंग्रेजी अखबार TOI में के मुताबिक पुलिस ने ऑक्टोपसी के बाद लाशों को परिवार को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
परिवार के मुताबिक तीन लड़कियों को जन्म देने के बाद से महिला मिर्गू डिप्रेशन में रहती थी और एक लड़के की चाह में थी। मिर्गू का पति गोकुल राम कर्नाटक के दमखड़ी में स्टेशनरी बिजनेस करता है। ये परिवार अक्षय तृतीया के मौके पर बाडमेर में अपने रिश्तेदारों के यहां आया था।
बुधवार सुबह गोकुल ने देखा कि उसकी पत्नी और बेटियां गायब हैं तो उसने इनकी तलाश शुरू कर दी। परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि मिर्गू की दिमागी हालत ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था।
स्टेशन इंचार्ज श्रीमाली ने बताया,"जांच के दौरान उसके पति ने कहा कि बेटे की चाह ने उसकी पत्नी को दिमागी बीमार बना दिया। कर्नाटक में उसका इलाज चल रहा था, जब वो बाडमेर आई तो अपनी दवाइयां भूल गई।"