ईद के जश्न के बीच भरतपुर में आरक्षण का जिन्न निकल आया है। भरतपुर में माली, सैनी, कुशवाहा, मौर्य समाज के लोगों ने आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार रात से ही हाईवे जाम कर दिया है। देर रात से ही पूरे शहर में बवाल शुरू हो गया है। हंगामे के चलते पुलिस ने मोर्चा संभाला हुआ है। आंदोलनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े। इस बीच एहतियात के तौर पर भरतपुर के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।
दरअसल 12 परसेंट आरक्षण की मांग को लेकर माली, सैनी, कुशवाहा, मौर्य समाज के लोगों ने आंदोलन का रुख अपना लिया है। भरतपुर में आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे 21 शुक्रवार शाम आठ बजे से जाम है। आंदोलनकारियों ने अरोदा और बेरी गांव के बीच हाईवे को जाम कर दिया। रातभर लोग हाईवे पर पत्थर डालकर लाठियां लिए बैठे रहे। देर रात संभागीय आयुक्त सांवर मल वर्मा ने शुक्रवार रात 12 बजे से शनिवार रात 12 बजे तक 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद करने के आदेश जारी कर दिए। शुक्रवार देर रात बारह बजे से शनिवार देर रात बारह बजे तक के लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया है। इसके अलावा नदबई, वैर और भुसावर में मोबाइल इंटरनेट बंद हो गया है। कई ट्रेनों के रूट बदले गए हैं।
आंदोलनकारियों और पदाधिकारियों का कहना है कि आरक्षण हमारा हक है, लेकिन सरकार हर बार कुछ न कुछ बहाना बनाकर बना देती है। इस बार ऐसा नहीं होगा, अब आर-पार की लड़ाई होगी। जैसे और जातियों को आरक्षण दिया गया है उसी तरह से बची हुई जातियों को भी आरक्षण देना ही होगा।