भरतपुर में किशोर का अपहरण कर भाग रहे अपहरणकर्ताओं को ग्रामीणों ने खूब पीटा। बदमाशों ने स्कूल के बाहर से बच्चे का अपहरण कर लिया और हरियाणा भागने वाले थे। गांव से सात किलोमीटर दूर ग्रामीणों ने बदमाशों को पकड़ लिया। जिससे बच्चे की जान बच गई।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार भादका गांव के रहने वाले तस्लीम का स्कूल घर से तीन किलोमीटर दूर है। मंगलवार दोपहर 1:30 बजे स्कूल की छुट्टी हो गई। तस्लीम के ताऊ का लड़का असजद उसे स्कूल से लेकर घर लौट रहा था। तभी एक बाइक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। उसके बाद तस्लीम को बदमाशों ने दूसरी बाइक पर बिठा लिया और हरियाणा की तरफ भागने लगे। वहीं बदमाशों का साथी सोहेल और अन्य तस्लीम के भाई से झगड़ा करने लगे लेकिन असजद को तुरंत पता चल गया कि बदमाश तस्लीम को लेकर भाग गए हैं। उसने परिजनों को कॉल किया।
परिजनों की सूझबूझ से बच गई जान
परिजनों ने फौरन हरियाण बॉर्डर के बीच आने वाले गांव में अपने रिश्तेदारों को फोन कर दिया। बदमाश सात किलोमीटर दूर जैसे ही कानौर और तिलकपुरी के बीच पहुंचे तो ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इसके बाद इन्हें पहले पेड़ से बांधा और जमकर पिटाई की।
गांव में रहकर दो महीने से कर रहे थे प्लानिंग
सूचना मिलने पर भादका पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि दो आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि वो दो महीने से किडनैपिंग का प्लान कर रहे थे। वे बच्चे को हरियाणा ले जाते और वहां जाकर परिजनों से फिरौती मांगते। वहीं पीड़ित बच्चे ने बताया कि बीच रास्ते में दोनों ने उसके सिर पर पिस्तौल तान दी थी और उसे मारने का प्लान बना रहे थे। दोनों बात कर रहे थे कि बच्चे को कहां मारा जाए इससे पहले ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया।