राजस्थान विश्वविद्यालय में दो महीने पहले लाइब्रेरी के उद्घाटन के बाद भी विद्यार्थियों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे विद्यार्थियों में नाराजगी बनी हुई है। इसको लेकर शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विवि में प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने कुलपति प्रो. राजीव जैन पर गबन के गंभीर आरोप लगाए। कार्यकर्ताओं ने कुलपति के सामने पांच सूत्रीय मांगें भी रखीं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगते हुए कहा कि विश्वविद्यालय कुलपति, छात्रसंघ अध्यक्ष और वित्त अधिकारी की मिलीभगत से लाखों रुपये का गबन किया गया है। कार्यकर्ता अपनी नाराजगी दिखाने के लिए वित्त अधिकारी के कमरे में ही धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मामला गंभीर होता देख पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही थोड़ी देर पुलिस पहुंची और कार्यकर्ताओं को समझाकर मामला शांत कराया।
सड़कों पर उतरेंगे कार्यकर्ता
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई अध्यक्ष भारत भूषण यादव ने कुलपति पर और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा इस विश्वविद्यालय का दुर्भाग्य है कि यहां एक ऐसा कुलपति है, जिनकी शैक्षणिक योग्यता भी पूरी नहीं है। ऐसा लगता है कुलपति ने मुख्यमंत्री को रुपए देकर यह कुर्सी खरीदी है। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की महानगर मंत्री ट्विंकल शर्मा ने भी कैंपस में हो रही गुंडागर्दी का मुद्दा उठाया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन लाइब्रेरी खोलने के आदेश नहीं दिए तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे।
ये रहे मौजूद
इस प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के गुलशन मीणा, मुकेश पूनिया, रघुनाथ बिश्नोई, विष्णु मीणा, निर्मल धायल, सुनील कुमावत, गोपाल, किरोडी लाल सैनी, विकास यादव देवेंद्र, प्रांत सहमंत्री अंकित मंगल, कैलाश गुर्जर, लक्ष्य दाधीच, देव के साथ बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।