विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन ने आरोप लगाया कि VHP के कार्यकर्ताओं ने RTI लगाकर और अपने स्तर पर जानकारी जुटाई, तो सामने आया कि राजस्थान में लगभग 6000 जगहों पर वक्फ बोर्ड का कब्जा है। अवैध मस्जिदे और मजार बनाई जा रही है। ये सरकार के इशारे पर हो रहा है।
सरकार एक तरफ वक्त बोर्ड को खुली छूट जमीन कब्जाने के लिए दे रही है। दूसरी तरफ हिंदुओं के मंदिर तोड़े जा रहे हैं इसलिए विश्व हिंदू परिषद चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि अवैध मस्जिद और मजारों को लेकर हाईकोर्ट के आदेश को भी यह सरकार लागू नहीं करवा पा रही हैं। इससे कह सकते हैं कि इन्हें सरकारी संरक्षण प्राप्त है जबकि वक्फ बोर्ड सरकार के अधीन आता है। हमने कोर्ट में भी याचिका लगाई है। हिंदुओं की जमीन इस तरह से नहीं कब्जाने देंगे।
अलवर में प्राचीन मंदिर को तोड़ा गया। जिन्होंने मंदिर तोड़ने का विरोध किया उन पर मुकदमे किए गए। जबकि सरकार बजट में धर्म विशेष के धार्मिक स्थलों के लिए बजट जारी कर रही है। उन्होंने जोधपुर के मंडोर में भी धार्मिक स्थल का मुद्दा उठाया। धर्म विशेष के क्षेत्र ही संवेदनशील क्यों, हिंदू शोभायात्राओं पर ही पथराव क्यों.?
राजस्थान सरकार के 4 साल के कार्यकाल को उन्होंने सबसे कलंकित बताया। कहा हिंदू समाज उपेक्षित और प्रताड़ित था। राजस्थान की धरती महाराणा प्रताप, बप्पा रावल की है, जिन्होंने चप्पे-चप्पे पर भगवा लहराने का काम किया, लेकिन कांग्रेस सरकार ने भगवा लहराने को अपराध बना दिया। उदयपुर में उत्सव भगवा नहीं फहराने जैसे मुगलिया फरमान जारी किए गए।
CAA, नुपुर शर्मा के मामले को लेकर हिंदू समाज को आतंकित करने की कोशिश की गई। हिंदुओं पर पत्थरबाजी की गई। नूपुर शर्मा के मामले को लेकर सर तन से जुदा के नारे लगाए गए उसमे से किसी को सजा नही दी गई। उसी का परिणाम है कि आज कन्हैया हमारे बीच नहीं है यदि सरकार उस समय कड़ी कार्रवाई करती तो यह नतीजा नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया की हिंदुओं पर हमला करने वालों को सरकारी संरक्षण प्राप्त है।
जैन ने बताया हिंदुओं पर हो रहे हमले को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए थे इस पर लगभग 9 हजार 500 शिकायतें आई। आगामी रणनीति बताते हुए कहा कि देशभर में 1 लाख युवाओं को त्रिशूल दीक्षा दी जाएगी।
कांग्रेस राज में गौहत्या, गौतस्करी के मामले बढ़ रहे हैं। गौ रक्षकों पर झूठे केस बनाया जा रहे हैं। गलत ढंग से संगठनों का नाम लिया जा रहा है। सरकारी संरक्षण में गौ तस्करी की जा रही है। अतीक अहमद और उनके भाई की हत्या पर कहा की हत्या का किसी तरह से समर्थन नहीं करते हैं। उनका जिंदा रहना जरूरी था। इसकी जांच होनी चाहिए क्योंकि जिन लोगों का उनकी हत्या में हाथ था उनका नाम भी सामने आना चाहिए। इसलिए क्योंकि अतीक का नाम आईएसआई एजेंट के साथ भी आया।