इससे प्रत्येक उपकेंद्र में एक पशुधन सहायक और एक जलधारी का नवीन पद (कुल 1800 पद) सृजित होगा। गहलोत के इस निर्णय से पशुपालकों को पशुओं से संबंधित बीमारियों की जांच और उपचार की बेहतर सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी।
तीन चरणों में खुलेंगे उप केंद्र
मुख्यमंत्री ने 2023-24 के बजट में नवगठित 1200 ग्राम पंचायतों और पशु चिकित्सा संस्था विहीन पुरानी 1439 ग्राम पंचायतों में उप केन्द्र खोले जाने के लिए घोषणा की थी। इस घोषणा की क्रियान्विति में अब वर्ष 2023-24 में 900, वर्ष 2024-25 में 900 और वर्ष 2025-26 में 839 पशु चिकित्सा उप केंद्र खोले जाएंगे।