राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से सत्ता छीनने की कोशिश में जुटी भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को ही एक बार फिर अपना चेहरा बनाने का फैसला किया है।
इसके लिए भाजपा ने राजस्थान प्रदेश संगठन की कमान एक बार फिर वसुंधरा को सौंप दी है। पार्टी में संतुलन बनाने के लिए गुलाब चंद कटारिया अब विधानसभा में विपक्ष के नेता होंगे।
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के साथ राजस्थान भाजपा के नेताओं की शनिवार शाम हुई बैठक के बाद सभी गुट आपसी भेदभाव भुलाकर साथ चलने को तैयार हो गए। इस फैसले से यह संकेत साफ है कि भाजपा वसुंधरा के नेतृत्व में ही आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
राजस्थान में दिल्ली, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के साथ ही विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा राजस्थान को किसी भी सूरत में कांग्रेस से छीनना चाहती है। पिछले चुनाव में प्रदेश भाजपा की आंतरिक गुटबाजी ही उसे ले डूबी थी। इसलिए भाजपा ने इस बार सभी गुटों को आपसी मतभेद सुलझाने को कहा।
शनिवार को राजनाथ से पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के साथ भी राजस्थान भाजपा के नेताओं की बैठक हुई। राजनाथ के साथ वसुंधरा, प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, पूर्व अध्यक्ष गुलाबचंद कटारिया और वरिष्ठ नेता घनश्याम मौजूद थे।