केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय वायुसेना डेढ़ साल में नहीं, अब सिर्फ 15 दिन में इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप बनाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 19 और स्थानों पर इमरजेंसी लैंडिंग स्थल बनाए जाएंगे। बुधवार को भारतीय वायुसेना के प्रमुख ने मुझे बताया कि इस एनएच पर इमरजेंसी लैंडिग हवाई पट्टी को तैयार करने में डेढ़ साल का वक्त लगा है। एनएच-925 ए देश का पहला राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिसपर भारतीय वायुसेना के विमान आपात स्थिति में लैंडिंग कर सकेंगे।
छोटा एयरपोर्ट बना सकती है सेना
गडकरी ने कहा कि भारतीय सेना यहां छोटा हवाईअड्डा भी तैयार कर सकती है, जहां तक मुझे पता है, इस क्षेत्र के 350 किमी के दायरे में कोई हवाईअड्डा नहीं है। उन्होंने बताया कि सीडीएस बिपिन रावत को मैंने कहा है कि यहां पर एक छोटा हवाईअड्डा तैयार किया जा सकता है।
तीन हेलिपैड भी
वायुसेना और सेना के लिए 100 गुना 30 मीटर के तीन हेलिपैड भी बनाए गए हैं। इनका निर्माण कुंदनपुरा, सिंघानिया और बाखासार गांव में हुआ है।
यहां पर बनेगी इमरजेंसी हवाई पट्टी
राजस्थान के फलौदी-जैसलमेर, बाड़मेर-जैसलमेर रोड, पश्चिम बंगाल में खड़गपुर-बालासोर रोड, असम में हशिमारा-गुवाहाटी रोड, गुजरात के भुज-नलिया रोड, असम के लेह-न्योमा रोड, जोरहाट-बाराघाट समेत अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर वायुसेना के लिए इमरजेंसी में लैंडिंग के लिए हवाई पट्टी तैयार की जाएगी। गड़करी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्व स्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण रिकॉर्ड तेजी के साथ हो रहा है।