केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत।
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केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को प्रदेश के लोकसभा सांसद, जलदाय मंत्री महेश जोशी और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जलशक्ति मंत्री जल जीवन मिशन की धीमी गति को लेकर नाराज नजर आए। इस दौरान जलशक्ति मंत्री ने कहा कि मुझे शर्म आती है कि जल जीवन मिशन मामले में राजस्थान पिछड़ गया।
देश में राजस्थान जल कनेक्शन में 29वें और काम की गति के मामले में 32वें पायदान पर आया है। शेखावत ने जल जीवन मिशन की गुरुवार को समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की प्रदेश में जो हालत है, उससे पूरे देश में राजस्थान की छवि खराब हो चुकी है। मिशन जब शुरू हुआ, तब हम जल कनेक्शन के राष्ट्रीय औसत से चार प्रतिशत पीछे थे लेकिन आज 16 प्रतिशत पीछे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मैं देश के कई राज्यों में जाता हूं और वहां काम की धीमी गति पर अफसरों को डांटता हूं। जिसपर अफसर कह देते हैं कि आपके राज्य में ही मिशन पिछड़ रहा है। यह सुनकर मुझे शर्म आती है कि मैं राजस्थान से हूं।
गहलोत सरकार पर लगाए आरोप
राजस्थान में मिशन की धीमी गति को लेकर उन्होंने गहलोत सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कागजों में ही तकनीकी स्वीकृतियां जारी कर दी गई। उसे ही जल कनेक्शन मान लिया गया। केंद्र सरकार ने राजस्थान को ग्रामीण क्षेत्रों में जल कनेक्शन के लिए 2019 से लेकर अब तक 27 हजार करोड़ रुपए दिए हैं लेकिन राज्य सरकार इस बजट में से 4 हजार करोड़ रुपए ही ले सकी। इसमें से भी 3500 करोड़ रुपए ही खर्च हुए, 23 हजार करोड़ का बजट लैप्स हो गया।