सीएम अशोक गहलोत ने कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा।
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देशभर में सरकारी कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की मांग कर रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के बाद अब बोर्ड, निगम, उपक्रम, यूनिवर्सिटी और ऑटोनॉमस बॉडी के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशनर्स के लिए भी OPS स्कीम लागू कर दी है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने के निर्णय की पालना के संबंध में कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किया है। जिसके तहत जिन संस्थाओं में पूर्व में विकल्प के आधार पर पेंशन योजना और CPF योजना लागू थी, उन संस्थाओं के रिटायर्ड कर्मचारियों को सीपीएफ की जगह पर पुरानी पेंशन योजना का पुनर्विकल्प देने के लिए 'अशा टीप' जारी की जा चुकी है। इस अशा टीप में कंट्रीब्यूटरी पेंशन फंड को कंट्रीब्यूटरीन प्रोविडेंट फंड पढ़ा जाने के आदेश जारी हुए हैं।
OPS लागू करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी
- अशा टीप की कंटीन्यूटी में राजकीय उपक्रमों, स्वायत्तशासी निकायों, विश्वविद्यालय आदि संस्थाओं के सेवानिवृत और सेवारत कार्मिकों पर जहां सीपीएफ या ईपीएफ लागू है, वहां पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
- राजकीय उपक्रम ब्यूरो के क्षेत्राधिकार में आने वाले उपक्रमों के संबंध में दिशानिर्देश राजकीय उपक्रम विभाग की ओर से जारी किए जाएंगे।
- राजकीय उपक्रमों के क्षेत्राधिकार में नहीं आने वाले संस्थाओं के लिये दिशा-निर्देश संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे।
- राजकीय उपक्रम विभाग/ प्रशासनिक विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी होने के बाद संबंधित संस्था सक्षम स्तर से अप्रूवल लेकर इसे अडॉप्ट करने की कार्यवाही करेगी।
- यदि संस्था को संबंधित प्रशासनिक विभाग के अतिरिक्त अन्य किसी स्तर से अप्रूवल की आवश्यकता हो, तो अप्रूवल लेने के बाद संस्था इसे अडॉप्ट करने की कार्यवाही करेगी।
- संबंधित संस्था राज्य सरकार के पुरानी पेंशन योजना लागू करने के आदेश और इसे संबंधित संस्था में लागू करने के निर्णय से EPF के सक्षम स्तर को अप्रूवल के लिए भिजवाया जाएगा। जिन कार्मिकों द्वारा CPF/ EPF के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना का
- विकल्प दे दिया है और स्वीकार कर लिया जाता है, तो उनकी एम्प्लॉयर अंशदान के रूप में कोई भी कटौती CPF/ EPF योजना के अन्तर्गत नहीं करेगी।
- सभी संस्थाओं में GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू की जाएगी।
- जिन संस्थाओं में पहले से ही GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू है और पेंशन निधि गठित है, उन्हें नई पेंशन निधि गठित करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि पेंशन निधि राज्य सरकार के पीडी खाते में ही जमा हो। यदि पेंशन निधि राज्य सरकार के पीडी खाते के अलावा कहीं और जमा है, तो उसे राज्य सरकार के पीडी खाते में जमा किया जाएगा।
- जिन संस्थाओं में GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू नहीं है, उनके द्वारा पुरानी पेंशन योजना के लिए GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू करने के लिए नियम बनाकर पेंशन निधि का गठन किया जाएगा और इन संस्थाओं के स्तर से भी पेंशन निधि राज्य सरकार के पीडी खाते में ही जमा की जाएगी।
- जिन संस्थाओं में कार्मिकों की संख्या बहुत कम है। जिसके कारण अलग से पेंशन निधि का गठन और संचालन करना व्यवहारिक न हो, उन संस्थाओं के संबंध में संबंधित प्रशासनिक विभाग अपने स्तर से किसी एक संस्था (राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड की तरह) को सभी संस्थाओं के लिए GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू करने और उसके मुताबिक अधिकृत संस्था के स्तर पर पेंशन निधि के गठन और संचालन के लिए अधिकृत कर सकते हैं।
- GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम के अन्तर्गत कार्मिकों के जीपीएफ खाते के मामले में राज्य सरकार की ओर से बोर्ड, निगम आदि को मंहगाई भत्ता और तदर्थ बोनस, एक्स-ग्रेसिया की राशि के आदेशों में यह शर्त शामिल थी कि नकद भुगतान के अलावा एरियर
- राशि में " सामान्य प्रावधायी निधि सैब (GPF-SAB)" में ट्रांसफर की जायेगी। " सामान्य
- प्रावधायी निधि सैब (GPF-SAB)" की कटौती का प्रावधान राजस्थान राज्य कर्मचारी सामान्य प्रावधायी निधि नियम -2021 " के अन्तर्गत है। ऐसी स्थिति में सभी संस्थाओं के कार्मिकों के" सामान्य प्रावधायी निधि सैब (GPF-SAB) " के खाते राज्य बीमा और सामान्य प्रावधायी निधि विभाग में पहले से ही मेंटेन किए जा रहे हैं।
- भविष्य में GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम के अन्तर्गत कार्मिकों के जीपीएफ खाते " राजस्थान राज्य कर्मचारी सामान्य प्रावधायी निधि नियम -2021 " के अन्तर्गत गवर्न होंगे। इसके लिए जिन संस्थाओं में GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू है, उन संस्थाओं में
- जी.पी.एफ से सम्बन्धित विनियमों में आवश्यक संशोधन कर कार्मिक अंशदान की राशि" सामान्य प्रावधायी निधि सैब (GPF-SAB) " में जमा कराने का प्रावधान किया जाएगा।
- जिन संस्थाओं में GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू नहीं है उनके द्वारा GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू करने और" सामान्य प्रावधायी निधि सैय (GPF-SAB)" में राशि जमा कराने के लिए नियम बनाकर प्रावधान किया जाएगा।
- सामान्य बीमा और प्रावधायी निधि विभाग " सामान्य प्रावधायी निधि सैब (GPF-SAB)" में कार्मिकों की राशि जमा करने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं और प्रक्रियाएं तय करेगा।
- पुरानी पेंशन योजना हेतु विकल्प के तहत संस्था के स्तर पर आवश्यक स्वीकृतियां और GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम संशोधनों सहित लागू होने पर सेवानिवृत्त कार्मिकों और सेवारत कार्मिकों से पुरानी पेंशन के लिए सेट परफॉर्मा संबंधित संस्था के ऑथोराइज्ड अफसर को 30 जून 2023 तक पुरानी पेंशन योजना के पुनर्विकल्प या विकल्प के लिए आवेदन पेश किए जा सकेंगे।
- रिटायर्ड कर्मचारी की ओर से एक बार दिया गया पुनर्विकल्प या विकल्प आवेदन फाइनल होगा और निर्धारित तारीख तक विकल्प नहीं किया जाता है, तो यह माना जाएगा कि वह सीपीएफ या ईपीएफ सदस्य बने रहना चाहता है।
- सेवा से निष्कासित सेवा से हटाए गए सेवा से त्यागपत्र देने वाले कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना के विकल्प की सुविधा नहीं होगी।
- रिटायर्ड कर्मचारी को सीपीएफ या ईपीएफ़ के नियोक्ता अंशदान की पूरी राशि संबंधित संस्था की पेंशन निधि में उसकी प्राप्ति की तिथि से पेंशन निधि में जमा कराने की तिथि तक देय 12 प्रतिशत ब्याज समेत 30 जून 2023 तक जमा करानी होगी।