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Jaipur: फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस का छापा, 32 युवक-युवतियां गिरफ्तार, USA के लोगों से ऐसे करते थे ठगी

Thu, 20 Apr 2023 06:15 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर कमिश्नरेट की चित्रकूट थाना पुलिस ने इलाके में संचालित हो रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर उत्तरी, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों से धोखाधड़ी और ठगी करने का धंधा करने आए 32 युवक-युवतियों की गिरफ्तार किया है। ये आरोपी USA के लोगों से ठगी करते थे।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में फर्जीवाड़े और ठगी के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। चित्रकूट थाना पुलिस ने चित्रकूट मार्ग पर राम जानकी टावर एक के कमरा नंबर 3 से 5 में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 32 युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया है। जो अमेरिका के लोगों को टारगेट कर डॉलर्स में ठगी करते थे।

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दिल्ली, यूपी, एमपी, बिहार राजस्थान, मेघालय सहित अन्य राज्यों के आरोपी ठग
चित्रकूट थाने के सीआई गुंजन सोनी ने बताया कि पकड़े गए युवक-युवतियों में दिल्ली, यूपी, एमपी, बिहार राजस्थान, मेघालय सहित अन्य उत्तरी, मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों से हैं। जिन्हें 40 हजार रुपए के वेतन पर रखा गया था। 

फर्जी कॉल सेंटर संचालक दीपक शाह और अमन भी गिरफ्तार
सीआई गुंजन सोनी ने बताया कि इस कॉल सेंटर को दीपक शाह नाम का व्यक्ति संचालित करता है। वह उत्तरप्रदेश का रहने वाला है और टेक्निकल सपोर्ट का काम करता है। जबकि उसका दूसरा पार्टनर अमन नाम का युवक है, जो मैनेजमेंट संबंधी सारा काम संभालता आ रहा है। इन दोनों युवकों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस फर्जी कॉल सेंटर का मालिक दिलीप बताया गया है। जबकि बिल्डिंग के मालिक सूरज यादव को भी सेंटर के बारे में जानकारी  थी। विदेश में कॉलिंग में किसी तरह की दिक्कत नहीं आए, इसकी जिम्मेदारी भी बिल्डिंग के मालिक ने ही ले रखी थी।   
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ऑनलाइन झांसे में लेकर डॉलर्स में ऐंठते थे रकम
चित्रकूट पुलिस के मुताबिक इस फर्जी कॉल सेंटर पर काम काम करने वाले युवक-युवतियाँ अमेरिका के लोगों को टारगेट करते थे और डॉलर में ठगी करने का काम करते थे। फिर डॉलर्स को रुपए में बदलवा लेते थे। पुलिस इन आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है कि किस तरीके से यह ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। जानकारी में यह भी आया है कि अलग-अलग तरह के आइटम और सर्विसेज के साथ ही विदेश में सरकारी कार्रवाई का डर दिखाकर यह कॉल सेंटर के जरिए डॉलर्स में रकम लेते थे। जिसे रुपयों में कन्वर्ट करवा लेते थे। ऑनलाइन ही लोगों को कॉलिंग के जरिए झांसे में लिया जाता था।

चाइल्ड पोर्नोग्राफी, साइबर ठगी, क्राइम में फंसाने का डर दिखाकर ऐंठते हैं रकम
यह संगठित अपराध का एक रूप है। जिसमें कई स्तरों पर कई अपराधी शामिल होने की जानकारी पुलिस के सामने आई है। इस कॉल सेंटर का मालिक दिलीप तंवर उर्फ सैन्डी है। मौके पर गिरफ्त में आए अभियुक्तों में अमन उर्फ अभय कॉल सेन्टर पर काम करने वाले युवक- युवतियों के रहने खाने पीने और काम में आने वाले संसाधन मुहैया कराता है। वह इस अपराध के मुख्य अभियुक्त दिलीप तंवर उर्फ सैन्डी आदि के बीच की कड़ी है, जो दिलीप तंवर उर्फ सैन्डी के बताए अनुसार कॉलर्स को निर्देश देता है। 

अभियुक्त दीपक शाह आईटी एक्सपर्ट है, जो कॉल सेन्टर पर खुद भी कॉलिंग का काम करता है और बाकी को टेक्नीकल सपोर्ट देता है। ये कॉलर्स वर्तमान में यूएसए के 60 साल से अधिक उम्र के नागरिकों को निशाना बना रहे थे। इनके द्वारा टारगेट व्यक्तियों के पीसी पर हैकिंग का मैसेज भेजकर उनकी आइडेन्टिटी को अपराधों में इस्तेमाल में होने की बात पर डराकर और मजबूर करके उस हैकिंग को ठीक करने की एवज में डॉलर्स में पैसा वसूला जाता है।
इस अपराध में शामिल व्यक्ति धोखे से काफी रकम हडप चुके हैं।  

इस कॉलिंग के लिए ये अलग अलग एप्लीकेशन्स का प्रयोग करते हैं। पुलिस को प्रारम्भिक पूछताछ पर कॉल सेन्टर पर काम करने वाले युवक युवतियों ने बताया कि वे लोग दिलीप तंवर उर्फ सैन्डी, अमन उर्फ अभय और दीपक के कहे अनुसार यूएसए से आने वाले कस्टमर्स के कॉल्स को अटैन्ड करते हैं। उन्हें तरह तरह के अपराधों जैसे चाइल्ड पोर्नोग्राफी, साइबर ठगी आदि में फंसाने का डर दिखाकर इतना विवश और भयभीत कर देते हैं कि उस टारगेट कस्टमर को इन लोगों के पक्ष में भुगतान करना ही पड़ता है। ये भुगतान गिफ्ट कार्ड्स में कमीशन के मार्फत, यूनाइडेट पोस्टल सर्विस के मार्फत बिटकाइन में भुगतान और यूएसए में अपने दूसरे साथियों के बैंक अकाउन्ट्स में भुगतान या अन्य माध्यमों से प्राप्त करते हैं।

इन धाराओं में FIR दर्ज
मौके पर मौजूद लोग संगठित गिरोह के रूप में बड़े स्तर पर भारत के बाहर यूएसए में वृद्ध नागरिकों को अपराध में फंसाने की एवज में भयभीत कर तकनीकि और संचार, इन्टरनेट उपकरणों और कम्प्यूटर सिस्टम का उपयोग कर अपनी पहचान छुपाकर छल करते हुए USA के बुजुर्ग नागरिकों का डाटा हैक करके कम्प्यूटर सिस्टम का एक्सेस अवैध रूप से लेकर लोगों के साथ में धोखाधड़ी करते हैं। खुदको अनुचित लाभ पहुंचाने का ऐसा काम किया जाना अपराध धारा 384, 419, 420, 120 बी IPC और 66, 66 सी, 66 डीआईटी एक्ट का पाया गया है। जिस पर पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। मामले में इन्वेस्टिगेशन वैशाली नगर के थानाधिकारी पुलिस इंस्पेक्टर शिवनारायण कर रहे हैं।

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