उदयपुर में कल ट्रक से हुई महिला की मौत का मामला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे पहले सोमवार को महाराणा प्रताप अस्पताल की मोर्चरी के बाहर भी मृतका के परिजनों और समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी। विरोध बढ़ता देख अस्पताल परिसर और मोर्चरी के बाहर भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया था।
प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाइश दी गई, लेकिन समाज के लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कलेक्ट्रेट पर जुटा साहू समाज
मंगलवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में साहू समाज के लोग जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने मृतका के परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द उनकी मांगों पर निर्णय लेने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ट्रक की चपेट में आने से हुई थी महिला की मौत
दरअसल, उदयपुर के तीतरड़ी इलाके में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था। ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। महिला की मौत से आक्रोशित भीड़ ने ट्रक में आग लगा दी, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
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सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। काफी समझाइश के बाद मृतका के शव को महाराणा प्रताप अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। फिलहाल मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर मृतका के परिजनों और साहू समाज का विरोध जारी है। प्रशासन की ओर से लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
मृतिका का फाइल फोटो।