राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित आंगनवाड़ी सुपरवाइजर पद के लिए करवाई गई परीक्षा पर सवालिया निशान लग गया है। बोर्ड की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस पद के लिए केवल वे ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आवेदन कर सकती हैं, जिन्हें कार्यकर्ता के रूप में 10 साल का अनुभव है। इसके अलावा ग्रेजुएट होना भी जरूरी है लेकिन शनिवार को उदयपुर शहर के रेजीडेंसी स्कूल परीक्षा केन्द्र पर परीक्षार्थियों के साथ आए लोगों ने कम उम्र की लड़कियों द्वारा परीक्षा दिए जाने पर सवाल खड़ा किया है।
उन्होंने कहा कि जब बोर्ड की ओर से 10 वर्ष का अनुभव मांगा गया है तो कम उम्र की लड़कियां कैसे परीक्षा देने आ सकती हैं। परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षा केंद्र से बाहर निकलती लड़कियों से जब बात की गई तो पता चला कि उनकी उम्र इतनी नहीं थी कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते हुए 10 वर्ष हो गए हों। कई परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र देखने के बाद यह स्पष्ट भी हो गया कि उनकी उम्र बहुत कम थी।
ऐसे में परीक्षा देने आई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने चयन बोर्ड पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र में कई परीक्षार्थी ऐसी भी हैं, जिन्हें पहली बार देखा गया या फिर किसी निजी स्कूल में अध्यापन का कार्य करने के दौरान केंद्र में परीक्षा देने पहुंच गईं।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से उठाए गए प्रश्नों के बाद यह पूरी परीक्षा ही सवालों के घेरे में आ सकती है। हालांकि जिला कलेक्टर से फोन पर हुई वार्ता के अनुसार अगर किसी ऐसे परीक्षार्थी ने परीक्षा दी है, जो कि इस दायरे में नहीं आते हैं तो उनके द्वारा परीक्षा पास करने के बाद, उनके डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान उन्हें बाहर कर दिया जाएगा।