संभाग के सबसे बडे़ उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल की ट्रॉमा इमरजेंसी बिल्डिंग में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक लावारिस बैग में विस्फोटक भरा मिला। गनीमत रही कि इस विस्फोटक में धमाका नहीं हुआ, वरना बड़ा हादसा भी संभव था। बहरहाल समय पर पता चल जाने से संभवित हादसा टल गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल अस्पताल में यह बैग एक्स-रे कराने पहुंचा एक निजी माइंस का कर्मचारी भूल गया था। चिकित्साकर्मियों ने जब लावारिस बैग देखा तो पुलिस को सूचना दी।
हादसे में घायल हुआ मरीज भूला था बैग
जानकारी के अनुसार देलवाड़ा के समीप दो दिसंबर को सड़क हादसा हो गया था। उदयपुर के समीप परसाद के महुड़ी निवासी जगदीश और उसका साथी रणजीत और प्रदीप दो दिसंबर को देलवाड़ा राजसमंद क्षेत्र में बाइक से जा रहे थे, तभी बाइक फिसलने से घायल हो गए। हादसे में रणजीत की मौत हो गई थी। वहीं दोनों घायलों को एमबी हॉस्पिटल के अस्थि रोग विभाग के आईसीयू में भर्ती करा दिया गया था। जगदीश से पूछताछ में पता चला कि प्रदीप, रणजीत और वह पाली के नाडोल स्थित साईंनाथ माइंस में काम करते हैं। रणजीत का बैग उनके पास था। दो नवंबर को ट्रोमा एमरजेंसी में एक्स-रे कराने के बाद वो बैग वहीं भूल गया। उन्हें बैग में विस्फोटक सामग्री रखे होने का पता नहीं था।
अस्पताल प्रशासन ने यह जवाब
मामले में अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन का कहना है कि संभाग का सबसे बड़ा हॉस्पिटल होने से यहां पर प्रतिदिन सैकड़ों परिजन और उनके परिजन आते हें। उनके पास सामान से भरा बैग भी होता है। सामान की जांच करने के बजाय डॉक्टर मरीज का उपचार को प्राथमिकता देते हैं। बैग के संदिग्ध होने की जानकारी मिली तो पुलिस को सूचना दी गई।