उदयपुर में गुरुवार को महाराणा भूपाल चिकित्सालय की मोर्चरी के बाहर उस समय हंगामा हो गया, जब पैंथर के हमले में अपनी जान गंवा बैठी मांगी बाई का पोस्टर्माटम होना था। समाज के लोगों ने मोर्चरी के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने फोरेस्ट डिपार्टमेंट हत्यारा है... के नारे लगाने शुरू कर दिए।
सूचना मिलने पर उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, डीएफओ अजय चित्तौडा और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मृतका के परिजन और समाज के लोगों ने सरकार से 20 लाख रुपये के मुआवजे की मांग पर अड़ गए। समाज के लोगों का कहना है कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती तब तक डेड बॉडी नहीं उठाई जाएगी। करीब दो घंटों तक लोगों ने वहां पर जमकर हंगामा किया।
उसके बाद डीएफओ अजय चित्तौड़ा ने कहां कि वन विभाग के नियमानुसार पांच लाख का प्रावधान है वो दिया जाएगा और हमारी तरफ से कोशिश कर राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा कि पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री सहायता कोष से दिलाये जाएं। इस आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। फिलहाल लोग अभी भी मोर्चरी के बाहर ही जुटे हुए हैं।
बता दें कि आदमखोर ने अब तक 12 लोगों की जान ले ली है, लेकिन वन विभाग अभी तक पैंथर को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाया है। वन विभाग, पुलिस और आर्मी ने पैंथर को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन पैंथर का कोई सुराग नहीं मिला है। एक अक्तूबर को राठौडों के गुडा में एक महिला पर पैंथर ने हमला किया उसके बाद से ही वन विभाग और पुलिस दिन रात पैंथर की तलाश में जुट गई है। उसके पैंथर तो पकड़ में नहीं आया लेकिन उसका मूवमेंट जारी है। कल जो हमला हुआ वो राठौडों के गुडा के पांच किलोमीटर दूर मदार क्षेत्र में हुआ। इस बीच पैंथर ने किसी भी इंसान पर अटैक नहीं किया हालांकि इन दिनों उसने मवेशियों पर जरूर अटैक किया। वन विभाग की विफलता को लेकर क्षेत्रवासियों में काफी आक्रोश भी देखा जा रहा है और लोग दहशत में भी हैं।