उदयपुर नगरीय निकाय चुनाव-2026 के दूसरे चरण में शुक्रवार को उदयपुर जिले में मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों के साथ मावली और कानोड़ नगरपालिका के 20-20 वार्डों के लिए मतदान हुआ। सुबह से ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें नजर आईं। युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने भी बढ़-चढ़कर मतदान किया। जिले में दूसरे चरण के दौरान औसतन 79 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
331 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद
द्वितीय चरण में उदयपुर नगर निगम के 220 प्रत्याशियों सहित कुल 331 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में कैद हो गया। उदयपुर शहर में 410, जबकि मावली और कानोड़ में 20-20 मतदान केंद्र बनाए गए थे। उदयपुर नगर निगम क्षेत्र में 4 लाख 16 हजार 143 मतदाता पंजीकृत थे। मावली में 8,198 और कानोड़ में 9,395 मतदाताओं ने मतदान के लिए पंजीकरण कराया था।
दोपहर बाद बढ़ी मतदान की रफ्तार
उदयपुर शहर में मतदान की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही, लेकिन दिन बढ़ने के साथ मतदान केंद्रों पर भीड़ बढ़ती गई। सुबह 10 बजे तक उदयपुर नगर निगम में 12.06 फीसदी मतदान हुआ। वहीं कानोड़ में 28.86 फीसदी और मावली में 37.33 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।
दोपहर 1 बजे तक उदयपुर में मतदान प्रतिशत बढ़कर 39.21 फीसदी हो गया। इस दौरान कानोड़ में 56.24 फीसदी और मावली में 67.57 फीसदी मतदान हो चुका था। दोपहर 3 बजे तक कानोड़ में 70.16 फीसदी, मावली में 79.48 फीसदी और उदयपुर नगर निगम क्षेत्र में 52.13 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने तक कानोड़ में 82.53 फीसदी, मावली में 88.39 फीसदी और उदयपुर नगर निगम क्षेत्र में 69.77 फीसदी मतदान हुआ।
पहली बार निकाय चुनाव, मावली में दिखा जबरदस्त उत्साह
मावली में पहली बार नगर निकाय चुनाव होने के कारण मतदाताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। मतदान प्रतिशत भी लगातार तेजी से बढ़ता रहा। शाम तक 88.39 फीसदी मतदान के साथ मावली ने मतदाताओं की मजबूत भागीदारी दर्ज कराई।
कलक्टर-एसपी ने मतदान केंद्रों का लिया जायजा
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मतदान प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और मतदाताओं की सुविधाओं को लेकर अधिकारियों एवं मतदान कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बुजुर्ग-दिव्यांगों ने भी बढ़-चढ़कर किया मतदान
लोकतंत्र के इस महापर्व में बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं का उत्साह भी देखने लायक रहा। मतदान केंद्रों पर उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया। वहीं एनसीसी कैडेट्स और स्काउट स्वयंसेवकों ने कतार व्यवस्था संभालने के साथ बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं की मदद की। शांतिपूर्ण मतदान के बाद अब सभी की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। ईवीएम में कैद 331 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला मतगणना के बाद सामने आएगा।