उदयपुर में चल रहा देश भर के ऊर्जा मंत्रियों का दो दिवसीय मंथन शनिवार शाम को संपन्न हो गया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस सम्मेलन में केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री कृष्णपालसिंह गुर्जर सहित विभिन्न राज्यों के उप मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्रियों के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिव भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
सम्मेलन में कहा गया कि भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बीईएसएस और पंप स्टोरेज हाइड्रो परियोजनाओं सहित ऊर्जा भंडारण का कार्यान्वयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। ग्रीन हाइड्रोजन, ऑफ शोर विंड, ऑफ ग्रिड और विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा (डीआरई) अनुप्रयोगों सहित भविष्य की प्रौद्योगिकियों को अनुकूलित करने की आवश्यकता है।
साथ ही देश का सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए चौबीस घंटे बिजली की आपूर्ति जरूरी है। साथ ही अगले दशक बिजली की मांग दोगुनी होने की संभावना है। इसे पूरा करने के लिए 50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के आवश्यक पूंजी निवेश की जरूरत है।