झीलों की नगरी उदयपुर में जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के तत्वावधान में तीन दिवसीय मेवाड़ महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया। इस आयोजन में पारंपरिक लोक संस्कृति और परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला। गणगौर पर्व की सवारी घंटाघर से गणगौर घाट तक निकाली गई, जिसमें विभिन्न समाजों के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। झीलों के किनारे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने समा बांध दिया। इस मौके पर संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, पर्यटन विभाग की संयुक्त निदेशक सुमिता सरोच सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
शाही गणगौर सवारी बनी आकर्षण का केंद्र
गणगौर घाट पर निकली शाही गणगौर सवारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पिछोला झील की लहरों के संग बंसी घाट से गणगौर घाट तक निकली यह सवारी राजसी ठाठ-बाट और मधुर संगीत के बीच सभी को मंत्रमुग्ध कर रही थी। इससे इसे कैमरों में कैद करने की होड़ भी मची रही।
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शहर में उत्सव जैसा माहौल
उदयपुर में गणगौर पर्व पर हर गली और चौक में उत्सवी माहौल देखने को मिला। पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों की गूंज से पूरा शहर संगीतमय हो गया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में ईशर-गणगौर की सुंदर प्रतिमाओं को सिर पर धारण कर शोभायात्रा निकाली, जिसने सभी का मन मोह लिया।
लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बंटोरी तालियां
गणगौर घाट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। लोकगीतों और नृत्यों की इस सांस्कृतिक संध्या में बड़ी संख्या में शहरवासियों ने भाग लिया, तालियां बजाकर लोगों ने कलाकारों की सराहना की। वहीं, आतिशबाजी ने भी माहौल को और रोमांचक बना दिया।
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गोगुंदा में गणगौर मेले का शुभारंभ
मेवाड़ महोत्सव के तहत गोगुंदा में भी तीन दिवसीय गणगौर मेले का शुभारंभ भी हुआ है। कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान जिला प्रमुख ममता कुंवर पंवार, उप जिला प्रमुख पुष्कर तेली, विधायक प्रतापलाल गमेती सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक संध्या में झलका लोक संस्कृति का रंग
गणगौर मेले में झूले, खानपान की दुकानें और पारंपरिक हाट बाजार आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सांस्कृतिक संध्या में रूपलाल कैथोड़ी एंड पार्टी द्वारा कैथोड़ी नृत्य, भुरदास एंड पार्टी द्वारा तेरहताली नृत्य तथा ममता कुमारी एंड पार्टी द्वारा भवई नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं।