पिछोला झील से पानी भरता हैलिकॉप्टर
- फोटो : amar ujala
उदयपुर की एकलिंगगढ़ पहाड़ियों पर मंगलवार रात लगी आग को काबू करने के लिए पहली बार हैलिकाॅप्टर का सहारा लिया गया। उदयपुर डिफेंस विंग ने आॅपेरशन खत्म होने के बाद मीडियाकर्मियों से कहा कि प्रशासन, सैनिक दल व हैलिकॉप्टर द्वारा आग बुझाने के लिए चलाया गया एक बड़ा आॅपरेशन सफल हुआ। इस पूरे रेस्क्यू आॅपरेशन के दौरान सेना का MI-17 V5 हैलिकॉप्टर काम में लिया गया था।
यूं दिया गया पूरे आॅपरेशन को अंजाम:
उदयपुर की एकलिंगगढ़ छावनी के पीछे की पहाड़ियों पर मंगलवार को भीषण आग लग गई थी।
आग को नियंत्रित करने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन आग की लपटें बड़ी तेजी से आगे बढ़ रही थी। पुलिस-प्रशासन व सैन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
आपदा प्रबंधन सचिव रोहित सिंह ने बताया कि सेना के MI-17 V5 एक हैलिकॉप्टर जामनगर और एक फलौदी से मंगवाया गया।
दोनों की क्षमता 3-3 हजार लीटर पानी ले जाने की है। ये घटनास्थल पर उड़ते हुए पानी की बौछार कर रहे थे।
रात को ही एनडीआरएफ की गांधीनगर व अजमेर से तीन टीमें भी उदयपुर के लिए रवाना हो गई थी।
आग बुझाने के लिए हैलिकॉप्टर पिछोला झील से पानी लेकर आग पर छिड़क रहा था । रेस्क्यू के दौरान हैलीकॉप्टर ने आग को बुझाने के लिए करीब 10 चक्कर लगाए और 25 हजार लीटर पानी का छिड़काव किया। इस दौरान पिछोला में एहतियात के तौर पर सभी नावें बंद करवा दी गई थी।
आग सेना के कैंपस तक नहीं पहुंचे, इसकी सुरक्षा के लिए सब देर रात तक जुटे हुए थे।
आग को बुझाने के लिए सेना के जवानों ने एक फायर लाइन बनाई थी लेकिन आग इतनी भीषण थी कि वो सेना की फायर लाइन को भी पार कर आगे निकल गई। हालांकि आग से किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई।
आग पर नियंत्रण के लिए वनकर्मी, ग्रामीण और सेना के जवानों ने घंटों तक संघर्ष किया और देर रात तक जुटे रहे।
पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट:
एकलिंगगढ़ पहाड़ियों पर लगी आग के पूरे मामले को लेकर पीएमओ ने प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है वहीं उदयपुर कलेक्टर ने पीएमओ को पूरी जानकारी भी दी है। दूसरी तरफ रक्षा मंत्रालय ने भी सेना के आला अधिकारियों से रेस्क्यू आॅपरेशन पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है।