राजस्थान के उदयपुर में जिला पुलिस और सीआईडी की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र स्थित एक होटल से थाईलैंड मूल की तीन विदेशी महिलाओं को डिटेन किया है। पुलिस के अनुसार, तीनों महिलाएं वीजा और पासपोर्ट की अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रह रही थीं। जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से एक महिला को पहले भारत से डिपोर्ट किया जा चुका था, लेकिन वह दोबारा नेपाल के रास्ते भारत आ गई थी। पुलिस ने मामले में होटल संचालक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू की है। वहीं, तीनों महिलाओं को देश से निष्कासित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर होटल में छापा
पुलिस के अनुसार, 19 अक्टूबर को सीआईडी की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट को गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र स्थित होटल सिटी प्राइड में विदेशी महिलाओं के अवैध रूप से ठहरने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर सीआईडी और गोवर्धन विलास थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने होटल पर छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने होटल के कमरों की तलाशी ली, जिसमें थाईलैंड मूल की तीन महिलाएं ठहरी हुई मिलीं।
होटल के विजिटर रजिस्टर में नहीं मिली एंट्री
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने होटल के विजिटर रजिस्टर की जांच की। जांच में तीनों महिलाओं के ठहरने से संबंधित कोई एंट्री नहीं मिली। इससे होटल में विदेशी नागरिकों के ठहरने से जुड़े नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। पूछताछ के दौरान होटल संचालक ने पुलिस को बताया कि इन महिलाओं से होटल में स्पा का काम करवाया जा रहा था। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिलाएं होटल में कब से ठहरी हुई थीं और उनके ठहरने से संबंधित नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया।
वीजा-पासपोर्ट की अवधि समाप्त, एक महिला पहले भी हो चुकी थी डिपोर्ट
पुलिस की जांच में सामने आया कि तीनों महिलाओं के वीजा और पासपोर्ट की अवधि समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद वे उदयपुर में रह रही थीं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इनमें से एक महिला को पहले भी भारत से डिपोर्ट किया जा चुका था। बताया गया है कि वह दोबारा नेपाल के रास्ते भारत आई और उदयपुर में रहने लगी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि महिला दोबारा भारत में कैसे दाखिल हुई और यहां रहने के दौरान किन गतिविधियों में शामिल थी। मामले में सभी संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
होटल संचालक के खिलाफ इमीग्रेशन एवं फॉरेनर्स एक्ट के तहत कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि विदेशी नागरिकों का वैध दस्तावेजों के बिना भारत में रहना और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की जांच के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाता है।
पुलिस के अनुसार, होटल संचालक के खिलाफ इमीग्रेशन एवं फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 7(2) और धारा 29 के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं, तीनों विदेशी महिलाओं के खिलाफ देश से निष्कासन की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
होटल और रिसॉर्ट संचालकों को नियमों का पालन करने के निर्देश
इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने उदयपुर के होटल, विला और रिसॉर्ट संचालकों को विदेशी नागरिकों को ठहराने से पहले निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच और उनके ठहरने से संबंधित रिकॉर्ड रखने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि विदेशी नागरिकों के ठहरने से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से होटल और रिसॉर्ट संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।